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10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया नगर निगम का जेई दोषी करार, आज सुनाई जाएगी सजा

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जगाधरी। चार साल पहले ठेकेदार से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए नगर निगम के जेई भरत जून को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमरिंद्र शर्मा की अदालत ने दोषी करार दिया है। दोषी जेई को मंगलवार को सजा सुनाई जाएगी। जेई भरत जून के खिलाफ नगर निगम के ठेकेदार फूलचंद ने विजिलेंस को शिकायत दी थी। जिसके बाद विजिलेंस टीम ने जेई भरत जून को 25 सितंबर 2018 को ठेकेदार फूलचंद से रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। तब से मामला अदालत में चल रहा था। इस दौरान कई लोगों की गवाहियां अदालत में हुई। अदालत ने जेई को दोषी करार दिया।
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नगर निगम के ठेकेदार शंकरपुरी कॉलोनी निवासी फूलचंद ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उसने विष्णु गार्डन में सड़क बनाने का ठेका लिया था। ये काम उसने नगर निगम के जेई भरत जून की देखरेख में पूरा कर दिया था। जब ठेकेदार फूलचंद ने जेई भरत जून को किए गए काम का बिल बनाने को कहा तो उसने फूलचंद से 10 हजार रुपये मांगे। फूलचंद ने इसकी शिकायत विजिलेंस को कर दी। विजिलेंस ने जेई भरत जून को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। योजना के तहत 25 सितंबर 2018 को ठेकेदार फूलचंद को दो- दो हजार रुपये के पांच नोट दिए। विजिलेंस ने इन नोटों के नंबर नोट कर इन पर केमिकल लगाया। इसके बाद ठेकेदार ने जेई भरत जून को फोन किया। जेई ने फूलचंद को जगाधरी सिविल अस्पताल के नजदीक बुलाया। ठेकेदार फूलचंद वहां पहुंचा और जेई भरत जून को दो दो हजार के पांच नोट दे दिए। जेई ने ये नोट अपनी जेब में रख लिए। इशारा पाकर विजिलेंस की टीम वहां पहुंच गई और जेई के हाथों को धुलवाया गया तो उस पर लाल रंग आ गया था। विजिलेंस ने जेई भरत जून को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया। तब से यह मामला अदालत में चल रहा था। अब अदालत ने इस मामले में जेई भरत जून को दोषी करार दिया है।
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