जगाधरी। चार साल पहले 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए नगर निगम के जेई भरत जून को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमरिंद्र शर्मा की अदालत ने 13 पीसी एक्ट में चार साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी जेई पर 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने जेई भरत जून को 13 पीसी एक्ट में चार साल व 7 पीसी एक्ट में तीन साल की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ साथ चलेगी। सात पीसी एक्ट में दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। ये जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
जेई भरत जून के खिलाफ नगर निगम के ठेकेदार फूलचंद ने विजिलेंस को शिकायत दी थी। ठेकेदार शंकरपुरी कॉलोनी निवासी फूलचंद ने विजिलेंस को शिकायत में बताया था कि उसने विष्णु गार्डन में सड़क बनाने का ठेका लिया था। ये काम उसने नगर निगम के जेई भरत जून की देखरेख में पूरा कर दिया था। जब ठेकेदार फूलचंद ने जेई भरत जून को किए गए काम का बिल बनाने को कहा तो उसने फूलचंद से 10 हजार रुपये मांगे। फूलचंद ने इसकी शिकायत विजिलेंस को कर दी। विजिलेंस ने जेई भरत जून को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। योजना के तहत 25 सितंबर 2018 को ठेकेदार फूलचंद को दो-दो हजार रुपये के पांच नोट दिए। विजिलेंस ने इन नोट के नंबर नोट कर इन पर केमिकल लगाया। इसके बाद ठेकेदार ने जेई भरत जून को फोन किया। जेई ने फूलचंद को जगाधरी सिविल अस्पताल के नजदीक बुलाया। ठेकेदार फूलचंद वहां पहुंचा और जेई भरत जून को दो दो हजार के पांच नोट दे दिए। जेई ने ये नोट अपनी जेब में रख लिए। इशारा पाकर विजिलेंस की टीम वहां पहुंच गई और जेई के हाथों को धुलवाया गया तो उस पर लाल रंग आ गया था। विजिलेंस ने जेई को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। तब से यह मामला अदालत में चल रहा था। अदालत ने इस मामले में जेई भरत जून को सोमवार को दोषी करार दिया था। मंगलवार को दोषी को सजा सुनाई गई।