संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम ने संपत्ति कर के बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नगर निगम ने संपत्ति कर के 2800 बकायेदारों को नोटिस जारी किया है। यह वह लोग हैं जिन पर टैक्स की बकाया राशि एक लाख से ऊपर पहुंच चुकी है। कुल मिलाकर यह बकाया करीब 30 करोड़ के आसपास पहुंच चुका है। नोटिस मिलने पर भी यदि यह बकाया जमा नहीं करवाते तो प्रॉपर्टी को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नगर निगम की आय का सबसे बड़ा स्रोत संपत्ति कर है, जिसे शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है। बड़ी संख्या में बकायादार करोड़ों रुपये संपत्ति कर दबाए बैठे हुए हैं। पिछले दिनों सरकार ने प्रॉपर्टी जमा कराने के लिए संपत्ति धारकों को टैक्स में 10 प्रतिशत छूट दी थी। हालांकि काफी संख्या में संपत्ति धारकों ने इस छूट का लाभ उठाते हुए टैक्स जमा कराया, लेकिन बहुत से लोगों ने टैक्स में छूट का लाभ नहीं उठाया और न ही छूट के बाद टैक्स जमा कराया। वहीं जो लोग नियमित टैक्स जमा नहीं करा रहे हैं उन की राशि बढ़ती ही जा रही है। दरअसल बकाया राशि पर ब्याज लगता जा रहा। इसी का नतीजा है कि प्रॉपर्टी टैक्स की राशि एक लाख से ऊपर पहुंच चुका है। अवगत हो कि नगर निगम क्षेत्र में कुल 216224 संपत्तियां हैं, इनमें से 117509 संपत्तियां स्वयं सत्यापित हो चुकी है।
घर बैठे भी जमा कर सकते हैं टैक्स
प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए लोगों को नगर निगम कार्यालय में जाने की जरूरत भी नहीं है। नागरिक सुविधा केंद्र के अलावा प्राॅपर्टी टैक्स धारक नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर भी अपना टैक्स आनलाइन जमा कर सकते हैं। आनलाइन प्राॅपर्टी टैक्स भरने के लिए प्राॅपर्टी धारक नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर बाईं तरफ होम के नीचे प्राॅपर्टी टैक्स पर क्लिक करना होगा। पे-प्राॅपर्टी टैक्स नाऊ पर क्लिक करें। अपनी प्राॅपर्टी आईडी डालें। आईडी डालने के बाद गेट प्राॅपर्टी टैक्स डिटेल पर क्लिक करें। अपना मोबाइल नंबर व प्राॅपर्टी आइडी दर्ज करें। क्लिक करते ही आपकी प्राॅपर्टी आईडी और टैक्स का ब्यौरा आ जाएगा। इसके बाद प्रोसीड टू पेमेंट पर क्लिक करके एटीएम, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, पे-एप, यूपीआई जैसे आनलाइन पेमेंट माध्यमों से प्राॅपर्टी टैक्स जमा करवा सकते हैं।
नियमित भुगतान न करने से काफी लोगों का प्रॉपर्टी टैक्स एक लाख रुपये से ऊपर जा चुका है। ऐसे 2800 संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें घरेलू, कामर्शियल व अन्य तरह की संपत्तियां शामिल है। नोटिस जारी होने के बाद भी यदि लोग प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं करते तो संपत्तियों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नोटिस जारी होने के बाद काफी लोग टैक्स जमा कराने आ भी रहे हैं।
- अजय वालिया, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी, नगर निगम यमुनानगर।