यमुनानगर। बजट बैठक के बाद अब नगर निगम सदन की सामान्य बैठक की तारीख भी तय हो गई है। 24 फरवरी को सुबह 11 बजे से सदन की बैठक आयोजित होगी। निकाय चुनाव के बाद यह सदन की पांचवीं बैठक होगी, लेकिन इस बार का बैठक का एजेंडा और माहौल दोनों ही अलग रहने वाले हैं। पहली बार एजेंडे में प्रस्तावों की संख्या 53 तक पहुंच गई है। वहीं मेयर का सख्त रुख और पार्षदों की नाराजगी इस बैठक को लंबा और हंगामेदार बना सकती है। सफाई व्यवस्था और सीवरेज जाम पर अधिकारियों की घेराबंदी की जा सकती है।
माना जा रहा है कि बैठक दोपहर तीन बजे के बाद तक खिंच सकती है। बैठक इसलिए भी खास होने वाली है क्योंकि आयुक्त के ट्रेनिंग पर होने के कारण डीसी प्रीति आएंगी। डीसी एक-एक खामी को पकड़ रही हैं इसलिए अधिकारियों का कोई बहाना चलने वाला नहीं है।
निकाय चुनाव के बाद सदन की पहली बैठक 22 अप्रैल 2025 को हुई थी। इसके बाद चार बैठकों में कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए, लेकिन उन पर अमल कितना हुआ, यह अब तक स्पष्ट नहीं है। इस बार मेयर ने पिछली चारों बैठकों में पास हुए सभी प्रस्तावों की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है। किन कार्यों पर काम शुरू हुआ, कौन से पूरे हुए और कौन से फाइलों में अटके हैं, इन सभी बिंदुओं पर सदन में विस्तार से चर्चा होगी। साफ संकेत हैं कि अधिकारियों का इस बार सीधे जवाबदेही से बचना मुश्किल होगा।
मेयर ने साफ कर दिया है कि जिन कार्यों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, उनके लिए संबंधित अधिकारियों को जवाब देना होगा। इस बार सदन में मेयर द्वारा विकास कार्यों के वर्क ऑर्डर, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मात्रा की रिपोर्ट भी मांगी जाएगी। इसके अलावा शहर के मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुंदर प्रवेश बोर्ड, डेकोरेटिव पौधे और लाइटें लगाने का प्रस्ताव भी चर्चा में रहेगा। वहीं शहर के तीनों जोन में 25 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां किराये पर लेकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, छोटे-बड़े नालों की सफाई का टेंडर लगाने और सभी सामुदायिक भवनों व पार्कों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने जैसे प्रस्तावों पर भी विचार होगा। संवाद
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सफाई के मुद्दे पर अधिकारियों को घेरेंगे पार्षद:
सदन में सबसे अधिक गर्माहट सफाई व्यवस्था को लेकर रहने की संभावना है। पार्षदों का आरोप है कि सफाई कर्मचारियों की भारी कमी के कारण कई वार्डों में नियमित सफाई नहीं हो पा रही। कूड़ा उठान की व्यवस्था भी सुचारू नहीं है, जिससे जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। सीवरेज जाम की समस्या से लोग परेशान हैं, लेकिन समाधान के ठोस प्रयास नहीं दिख रहे। सीवरेज जाम की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। बरसात के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं, लेकिन नियमित मेंटेनेंस का अभाव लगातार शिकायतों का कारण बना हुआ है। बजट बैठक में ही पार्षदों के बीच नाराजगी साफ दिखाई दी थी। कई पार्षदों ने विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाए थे। हालांकि सामान्य बैठक न होने के कारण उस समय विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। अब 24 फरवरी की बैठक में वही मुद्दे जोर-शोर से उठने की संभावना है। पार्षद अधिकारियों से स्पष्ट जवाब चाहते हैं कि जब सदन में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास होते हैं तो उन्हें धरातल पर उतारने में देरी क्यों हो रही है।
वर्जन:
नगर निगम सदन की बैठक 24 फरवरी को फाइनल कर दी गई है। बैठक में एक-एक वार्ड के विकास कार्यों व समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। किसी काम को लटकाने में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की कमी सामने आएगी तो उन पर भी कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। विकास कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता से समझौता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।