संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम ने जगाधरी-यमुनानगर रोड स्थित वार्ड नंबर छह में सफायर होटल के पास बन रहे एक अवैध व्यावसायिक भवन को ध्वस्त कर दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दो जेसीबी मशीनों की मदद से पूरे ढांचे को गिरा दिया गया। भवन का निर्माण अवैध क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए किया जा रहा था।
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के लिए उपायुक्त प्रीति ने कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। उनकी निगरानी में सहायक नगर योजनाकार मृणाल जायसवाल, भवन निरीक्षक हरेंद्र सिंह और निगम की टीम मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार कुछ माह पूर्व निगम को सूचना मिली थी कि संबंधित स्थान पर बिना अनुमति के व्यावसायिक भवन बनाया जा रहा है। जांच में पाया गया कि भवन मालिक न तो स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत कर सका और न ही निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज उपलब्ध करा पाया। इसके बाद निगम की ओर से चार बार नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए, लेकिन आदेशों की अनदेखी जारी रही।
पहले नोटिस में काम रोकने के निर्देश दिए गए। इसके बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। तीसरे चरण में व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया, लेकिन भवन मालिक की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। अंतिम नोटिस के बाद भी निर्माण नहीं रुकने पर हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 261 और 262 के तहत कार्रवाई अमल में लाई गई।
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि निगम क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से बिना नक्शा पास कराए निर्माण न करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।