संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लोकसभा चुनाव को लेकर नेता जनता के बीच पहुंचकर अपने पक्ष में प्रचार प्रसार में लगे हैं, वहीं जनता भी सांसद चुनाव को लेकर अपनी पसंद बना रही हैं। कई मतदाता समस्याओं व सुविधाओं पर काम करने वाले प्रत्याशी को सांसद बनाए जाने की बात कह रहे हैं।
आशु अग्रवाल ने कहा कि सांसद की दौड़ में लगे ऐसे प्रत्याशी को सांसद बनाया जाना चाहिए, जो आमजन की समस्याओं व सुविधाओं बारे जानता हो। साथ ही उन पर काम कर सके। इस पर अपना पक्ष रखना चाहिए कि वह कैसे यह समस्याओं व सुविधाओं पर काम करेगा। जिस प्रत्याशी की बात में वास्तविकता नजर आए, उसे ही सांसद चुना जाना चाहिए।
विभा गुप्ता ने कहा कि जिसका वोट बन चुका है, ऐसे हर मतदाता को मतदान जरूर करना चाहिए। जिससे सही सांसद चुना जा सके। इसके लिए धर्म, जाति, वर्ग देखकर नहीं बल्कि प्रत्याशियों के किए गए व भविष्य में कराए जाने वाले विकास कार्यों को देखकर ही वोट का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
अरुण शर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनावों से पहले प्रत्याशी प्रचार प्रसार में तो सारा समय जनता के बीच रहते हैं, पर कई जीत के बाद सांसद बनने पर वहां भूले से भी नहीं आते। ऐसा नहीं होना चाहिए। उसे जनता के बीच ही रहना चाहिए और समस्याओं का समाधान करते हुए उनके बताए काम कराने चाहिए। जिस प्रत्याशी में यह गुण नजर आएगा, उसे ही सांसद चुनेंगे।
बॉबी गौरी ने कहा कि सांसद ऐसा होना चाहिए, जो हर उम्र व वर्ग के बारे में सोच सकता हो। उसके पास हर वर्ग के विकास के लिए योजनाएं हों। ऐसे प्रत्याशी को ही सांसद चुना जाना चाहिए। इसलिए यह गुण प्रत्याशियों के भाषणों व बातों में झलकना चाहिए। जिससे जनता को पता रहे कि प्रत्याशी को सांसद चुनेंगे तो हर वर्ग का कल्याण होगा।