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Yamuna Nagar News: बारिश से दरके पहाड़, जगाधरी-पांवटा नेशनल हाईवे जाम

Sun, 23 Jul 2023 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी, प्रतापनगर। भारी बारिश के कारण जहां गलियाें और सड़कों पर पानी भर गया, वहीं नेशनल हाईवे भी जाम हो गए। बारिश के कारण यातायात बाधित हुआ और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान शनिवार को प्रतापनगर में भारी बारिश से जगाधरी-पांवटा नेशनल हाईवे पर आवाजाही बाधित हो गई। बारिश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहाड़ों से पानी के साथ पत्थर तक बह कर नेशनल हाईवे पर आ गए। नेशनल हाईवे नदी सा दिखाई देने लगा, ऐसे में लोगों ने बीच से गुजरने का प्रयास किया, लेकिन पानी के तेज बहाव के सामने बेबस दिखे।
बीती रात से पहाड़ों में हो रही तेज बारिश के चलते नेशनल हाईवे-73ए पर कलेसर गांव के नजदीक भूस्खलन हुआ, जिससे पहाड़ों से पत्थर दरक कर हाईवे पर आ गिरे। शनिवार सुबह से नेशनल हाईवे जाम रहा, राहगीरों को सड़क पर कीचड़ व पत्थरों के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भूस्खलन की सूचना के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी व आपदा प्रबंधन के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे भूस्खलन का मलबा हाईवे पर पड़ा रहा। वहीं भारी बारिश के कारण यमुना सहित बरसाती नदियां सोम व पथराव में भी उफान है। शुक्रवार देर रात से जारी भारी बारिश के कारण पहाड़ों पर भूस्खलन हुआ। सुबह भी यही हाल रहा। इस दौरान किसी ने अधिकारी ने इसकी सुध नहीं ली। ऐसे में यात्री जान जोखिम में डाल कर यहां से गुजरते रहे।
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दूसरी ओर बिलासपुर खंड में आधे घंटे की बारिश से कस्बे की गलियां व सड़कें तालाब बन में तब्दील हो गए। निचली कॉलोनियों में पानी भर गया। वहीं हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी में दो लाख 51 हजार क्यूसेक पानी आने से गांव टापू कमालपुर के लोगों की दिक्कत फिर से बढ़ गई है। पानी का जलस्तर बढ़ने से गांव में फिर से भूमि कटाव होने लगा है। गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से गांव में कटाव रोकने के लिए केवल रेत के कट्टे लगाए जा रहे हैं। इतने दिन पानी कम रहा फिर भी अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
बारिश से जगाधरी शहर में लोगों को एक बार फिर जलभराव का सामना करना पड़ा। 24 घंटे में यहां कुल 40 एमएम बारिश हुई, जिससे शहर की कई कॉलोनियों सहित बाजारों में पानी भर गया। सबसे ज्यादा रेलवे रोड बाजार, मटका चौक, दुर्गा गार्डन, गौरी शंकर मंदिर, जड़ौदा क्षेत्र में देखने को मिला। रेलवे रोड बाजार में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार में पानी भरने से दुकानदारों को भी भारी दिक्कत हुई। इस दौरान व्यापारी दुकानों में पानी घुसने से रोकने का प्रबंध करते देखे गए। वहीं शहर यमुनानगर की निचली कॉलोनियों में पानी भरा। घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश होने के बाद पानी उतरने से लोगों को राहत मिली। इस दौरान स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों व कामकाजी लोगों को सुबह बारिश से बचने के लिए विभिन्न प्रयास करते देखा गया। जिले में 24 घंटे में करीब 34 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से कई दिन से पड़ रही प्रचंड गर्मी से लोगों को राहत मिली, लेकिन सुबह 11 बजे के बाद शहर में बारिश नहीं हुई, जबकि शाम करीब साढ़े पांच बजे हल्की धूप निकली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले सप्ताह बारिश होने की संभावना है। तीन दिन बारिश के साथ सामान्य तेज हवा चलने गर्मी से राहत मिलेगी।

यहां हुई इतनी बारिश

जिले में शनिवार शाम चार बजे तक पिछले 24 घंटे में करीब 34 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश खंड प्रतापनगर में दर्ज की गई। यहां पर कुल 68 एमएम बारिश हुई। जबकि बिलासपुर में 50 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। वहीं शहर में कुल 40 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा साढौरा में 33, सरस्वतीनगर में सात, छछरौली में 23 और रादौर में 13 एमएम बारिश दर्ज की गई।



सोमनदी ने एक बार फिर किसानों की मेहनत पर फेरा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। सोम नदी ने एक बार फिर किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पहले बाढ़ से उजड़ी फसलों को ठीक कर रहे किसानों पर एक बार फिर नदी का पानी आफत बनकर आया है। किसान दोबारा धान लगा रहे थे कि शनिवार को फिर सोम नदी में आई बाढ़ से दोबारा पानी खेतों में घुस गया। खेतों में पानी घुसने से किसानों के आंसू निकल रहे हैं।
किसान रमेश, राजकुमार, गगन, गुरदीप, राजेश, कंवर, वेदपाल ने बताया कि सोम नदी में आई बाढ़ ने पहले ही तबाही मचा दी थी। बाढ़ से फसलें, खेत, सड़कें सहित घरेलू सामान तक खराब हो चुका है। अभी लोग बाढ़ से हुए नुकसान से उबर भी नहीं पाए थे, कि एक बार फिर सोम नदी उफान पर है। सोम नदी में दोबारा आई बाढ़ से पानी गांवों व खेतों में घुस गया है। शनिवार को पानी हडौली के खेतों व राधा स्वामी आश्रम में घुस गया। वहीं बाढ़ की वजह से शेरपुर मोड़ लेदी सड़क मार्ग करीब दो घंटे बंद रहा।


बारिश के बाद सोम नदी में आया उफान, किसानों की धड़कनें बढ़ी

संवाद न्यूज एजेंसी


बिलासपुर। पहाड़ी क्षेत्र हुई भारी बारिश के कारण सोम नदी में एक बार फिर उफान पर है, जिससे किसानों की धड़कनों के साथ चिंता बढ़ गई। सोम नदी में सुबह छह बजे उफान आने पर पानी का स्तर 6600 क्यूसेक बढ़ गया, जिसके बाद बारिश के साथ सोम नदी के जलस्तर में वृद्धि होती गई। सुबह दस बजे सोम नदी का अधिकतर जल स्तर 10620 क्यूसेक तक पहुंच गया। बता दें कि 12 जुलाई को सोमनदी में दस साल में सबसे अधिक 20355 क्यूसेक पानी रिकार्ड किया गया था।
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किसानों का कहना है कि सप्ताह पहले हुई बारिश का पानी अभी खेतों से निकल नहीं पाया है, वहीं अब सोम में फिर से उफान आने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। बारिश से धान, गन्ना, मक्का व पशुओं चारे की फसल खराब होने की संभावना है। किसानों ने कहा कि सरकार को प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान फसलों का गिरदावरी करवाकर मुआयना देना चाहिए।
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