संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में रविवार को प्रसव के लिए आई 27 वर्षीय रजनी और गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। डॉक्टर ऑपरेशन करने की तैयारी कर रहे थे। महिला को इंजेक्शन लगाया ही था कि उसे आंखों से दिखना बंद हो गया और मुंह से झाग निकल आया। कुछ ही मिनट में महिला ने दम तोड़ दिया। पति ने इलाज में लापरवाही की शक जताते हुए जांच की मांग उठाई है।
शहर की विजय कॉलोनी निवासी संदीप ने बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी शादी पंजाब के बरनाल में रेलवे स्टेशन के नजदीक रहने वाली रजनी से वर्ष 2017 में हुई थी। शादी के बाद उसके पास छह साल की बेटी है। रजनी दूसरी बार गर्भवती हुई थी। रविवार सुबह वह उसे डिलीवरी के लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के लिए आए थे। वह पूरी तरह से ठीक थी और अपने पांव पर चल कर आई थी।
डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि बच्चे के जन्म के लिए ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन के लिए उन्होंने अपनी स्वीकृति दे दी थी। दोपहर को डॉक्टर उसका ऑपरेशन करने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए रजनी को इंजेक्शन लगाया था। परंतु इंजेक्शन लगते ही रजनी को आंखों से दिखना बंद हो गया। वह कह रही थी कि उसे सबकुछ धुंधला दिख रहा है। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता रजनी के मुंह से झाग निकलने लगा। तभी उसने दम तोड़ दिया।
संदीप ने बताया कि डॉक्टरों का कहना है कि रजनी को पहले दौरा पड़ता होगा, इसलिए मुंह से झाग निकला है। वहीं परिजनों का कहना है कि शादी से पहले और बाद में रजनी को कभी दौरा नहीं पड़ा। संदीप ने मांग की है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। कहीं न कहीं डॉक्टर की लापरवाही से उसकी पत्नी की मौत हुई है।
डॉक्टर की लापरवाही नहीं : पीएमओ
वहीं अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि डिलीवरी के लिए आई महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुथा। उसे दौरा भी पड़ रहा था। महिला का ऑपरेशन भी नहीं किया गया था। ऐसे में डॉक्टर की कोई लापरवाही नहीं है।