पानीपत। पानीपत और सोनीपत पीएनडीटी टीम ने दिल्ली के बवाना में भ्रूण जांच का भंडाफोड़ किया है। टीम ने मां- बेटे को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया है। दोनों ने महिला का एक कार में पोर्टेबल अल्ट्रासाऊंड मशीन से अल्ट्रासाउंड कराया था।
इसके लिए इन्होंने 35 हजार रुपये लिए थे। कार में अल्ट्रासाउंड करने वाले दो युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे। जो फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने इनका काफी पीछा किया लेकिन कोहरे का फायदा उठाकर यह चकमा देने में कामयाब हो गए। फिलहाल बवाना थाना पुलिस ने आरोपी मां बेटे पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है । इनके कब्जे से कार बरामद की गई है। अब पुलिस अल्ट्रासाउंड करने वाले मोटरसाइकिल सवार दोनों युवकों के बारे में पूछताछ कर रही है।
पीएनडीटी टीम के इंचार्ज डॉ.अभय नंदन वत्स ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि दिल्ली के बवाना के दरियापुर क्षेत्र में भ्रूण जांच होती है। उन्होंने इसकी सूचना सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा को दी। उन्होंने टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम कार्रवाई के लिए एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाया। महिला ने दरियापुर निवासी कुसुम से भ््रूण जांच के लिए संपर्क किया।
कुसुम ने महिला से भ्रूण जांच के लिए ऑनलाइन 35 हजार रुपये की डिमांड की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपी कुसुम के खाते में 35 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। फिर कुसुम ने महिला को शुक्रवार सुबह दिल्ली के बवाना में बुलाया। यहां पर कुसुम के पास एक कार आई। कुसुम ने महिला को उस कार में बैठा दिया। कार चालक महिला को लेकर इधर से उधर घूमता रहा। फिर एक सुनसान जगह जाकर कर रोक ली। इसी वक्त एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो युवक आए ।
यह युवक कर में बैठ गए और इन्होंने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से महिला का अल्ट्रासाउंड कर गर्भ में बच्चा बताया।
अल्ट्रासाउंड कर मोटरसाइकिल सवार वहां से चले गए। जब आरोपी कार में महिला को वापस छोड़ने के लिए आया तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे दबोच लिया। उसकी पहचान दरियापुर निवासी पंकज के रूप में हुई।
टीम ने इसके बाद मोटरसाइकिल सवारों का भी पीछा किया गया लेकिन वह है कोहरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। टीम ने बवाना थाना पुलिस की मदद से पंकज की निशानदेही पर कुसुम को उसके घर से गिरफ्तार किया। जांच में पता लगा कि कुसुम और पंकज मां बेटा हैं। वह भ्रूण जांच के इस मामले में काफी समय से शामिल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. राबिया इरफान, डॉ. विशाल कुमार और डॉ. पंकज कुमार शामिल रहे।
स्वास्थ्य विभाग की की गिरफ्त में आए आरोपी मां-बेटा। संवाद