More than five lakh voters will choose the government of villages in 490 panchayats of the district
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यमुनानगर। इंतजार की घड़ी खत्म होने वाली है। राज्य चुनाव आयोग ने ग्राम पंचायतों के लिए चुनावी बिगुल बजा दिया है। अब ग्रामीण मतदाता अपने गांवों की सरकार चुनेंगे। सरपंचों व पंचों के लिए मतदान दो नवंबर को होंगे। जिले में 490 ग्राम पंचायतों व पंचों के 3,841 वार्डों में चुनाव होंगे। 5,14,576 मतदाता अपने मतदान का प्रयोग कर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। चुनाव के लिए जिला प्रशासन की तरफ से 669 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें 101 मतदान केंद्र संवेदनशील तथा 126 केंद्र अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। वहीं, जिला परिषद के 18 वार्डों व पंचायत समिति के 142 वार्डों के लिए 30 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे।
हरियाणा चुनाव आयोग ने पहले चरण में यमुनानगर सहित प्रदेश के 10 जिलों में पंचायती राज चुनाव करवाने की घोषणा की है। चुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार 14 से 19 अक्तूबर तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 20 अक्तूबर को नामांकन की जांच की जाएगी और 21 अक्तूबर को नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। पंच और सरपंच के परिणाम चुनाव के दिन ही घोषित किए जाएंगे। चुनाव सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। जिले में पांच लाख 14 हजार 576 मतदाता मतदान करेंगे। जिनमें दो लाख 75 हजार 518 पुरुष मतदाता व दो लाख 39 हजार 57 महिलाएं व एक मतदाता अन्य है।
सरपंच की 500 और जिला परिषद की एक हजार होगी जमानत राशि
पंचायती राज चुनाव में ग्राम पंचायत में पंच पद के लिए सामान्य जाति के उम्मीदवार को 250 रुपये तथा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, महिला वर्ग के लिए 125 रुपये जमानत राशि जमा करानी होगी। जबकि सरपंच पद के लिए सामान्य जाति के उम्मीदवार को 500 रुपये तथा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, महिला वर्ग के लिए 250 रुपये जमानत राशि जमा करानी होगी। पंचायत समिति सदस्य के उम्मीदवार के लिए सामान्य जाति के उम्मीदवार को 750 रुपये तथा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, महिला वर्ग के लिए 375 रुपये जमानत राशि निश्चित की गई है। इसी प्रकार जिला परिषद सदस्य के उम्मीदवार के लिए सामान्य जाति के उम्मीदवार को 1000 रुपये तथा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, महिला वर्ग के लिए 500 रुपये जमानत राशि जमा करानी होगी।
सरपंच प्रत्याशी खर्च कर सकेंगे दो लाख रुपये
जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल हुड्डा ने बताया कि चुनाव आयोग की हिदायत के अनुसार पंच पद के लिए प्रत्याशी 50 हजार रुपये, सरपंच के लिए दो लाख रुपये, पंचायत समिति सदस्य के लिए तीन लाख 60 हजार रुपये व जिला परिषद सदस्य के लिए छह लाख रुपये चुनाव प्रचार पर खर्च कर सकेंगे। सभी उम्मीदवार अपने चुनाव खर्च का हिसाब रखेंगे। इसकी जानकारी चुनाव परिणाम के 30 दिन तक जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जमा करवानी होगी। ऐसा नहीं करने वाले को चुनाव आयोग के नियमानुसार तीन साल के लिए चुनाव से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।