व्यासपुर। राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला में आयोजित एनएसएस शिविर के सातवें दिन का मुख्य विषय पांच प्रण रहा। शिविर में सर्वोत्तम स्वयंसेवक के रूप में मोहित और शीतल को चुना गया। सितारे के रूप में छात्र आदित्य व सुदीक्षा को चुना गया।
प्राचार्या सर्वजीत कौर ने स्वयंसेवकों से कहा कि यह वह मंच है जहां पर प्रत्येक स्वयंसेवक जीवन के अनेक अनुभव प्राप्त करता है। जीवन में होने वाली असुविधाओं के बावजूद भी जीवन को आसानी से जीना सीखता है। लघु नाटिका में स्वदेशी भारत समूह, भाषण में पंच प्रण समूह, लोकगीत में स्वावलंबी भारत समूह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
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उपप्राचार्य डॉ. रमेश धारीवाल ने कहा कि भारत को आजाद करने में स्वतंत्रता सेनानियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसी तरह स्वयंसेवक भी स्वतंत्रता सेनानियों से कम नहीं हैं। स्वच्छता में योगदान देने वाले स्वच्छता सेनानी हैं। इसी तरह स्वदेशी को अपनाने का प्रचार करने वाले, उसे बढ़ावा देने वाले स्वदेशी सेनानी हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों की ओर से दी गई प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।
कार्यक्रम में सात दिनों तक स्वयंसेवकों की ओर से किए गए कार्यों से संबंधित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। वरिष्ठ प्राध्यापिका आरती अरोड़ा ने कहा कि सभी स्वयंसेवक पिछले सात दिनों में एकजुट होकर काम कर रहे हैं। जिससे समूह कार्य का सुंदर उदाहरण मिल रहा है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बलबीर कुमार ने कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। महाविद्यालय की प्राचार्या ने सभी स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।