संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लोकसभा चुनाव को लेकर मंगलवार को पीठासीन अधिकारियों व सहायक पीठासीन अधिकारियों, पोलिंग ऑफिसर एवं चुनाव से जुड़े अधिकारियों को ट्रेनिंग दिलवाई गई। एसडीएम बिलासपुर देवेंद्र शर्मा ने डीएवी कन्या कॉलेज यमुनानगर के सभागार में चुनाव संबंधी प्रशिक्षण दिया।
इस अवसर पर ईवीएम के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। पोलिंग एजेंटों के सामने मॉक पोल करवा कर एजेंटों की संतुष्टि करवाना व उनके हस्ताक्षर करवा कर मतदान की प्रक्रिया शुरू करवानी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार किसी मतदान केंद्र पर मॉक पोल नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में मतदान नहीं माना जाएगा और वहां रि-पोल होगा।
मॉक पोल की प्रक्रिया अमल में लाने के बाद पीठासीन अधिकारी को इसका सर्टिफिकेट भी देना अनिवार्य है। सभी पीठासीन अधिकारी चुनाव से एक दिन पहले अपने-अपने मतदान केंद्र पर पहुंच कर बूथ को स्थापित करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया के सभी पहलुओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि 25 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए एक दिन पूर्व यानी 24 मई को सभी पीठासीन अधिकारी अपने-अपने बूथ पर पहुंच कर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर इसकी सूचना संबंधित एआरओ को देंगे। उन्होंने कहा कि 24 मई को ही चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा भरकर पोलिंग एजेंट्स के आवेदन पर उनकी नियुक्ति सुनिश्चित करें।
मास्टर ट्रेनर उमा दत्त शर्मा ने कहा कि 25 मई को चुनाव शुरू होने से पहले प्रातः छह बजे पोलिंग एजेंट के समक्ष मॉक पोल करवाना सुनिश्चित करना है। चुनाव आयोग की हिदायत अनुसार मॉक पोल के दौरान कम से कम 50 बार वोट करना आवश्यक है। मॉक पोल के दौरान किए गए वोट और वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों व कंट्रोल यूनिट में कुल वोट के मिलान होने पर पोलिंग एजेंट के हस्ताक्षर अवश्य करवाएं। मॉक पोल उपरांत इसका रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मॉक पोल के दौरान नोटा सहित प्रत्येक उम्मीदवार के सामने का बटन दबाकर कम से कम एक वोट डालना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि मॉक पोल के बाद ईवीएम को क्लीयर करने व ईवीएम को सील करने की प्रक्रिया पूरी कर ईवीएम को वोटिंग के लिए तैयार करें। इसके बाद पोलिंग एजेंट्स के समक्ष मतदान शुरू करवाने की घोषणा करनी होगी।
प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर कुल वोट जांचे जाएं और उसकी सूचना सेक्टर ऑफिसर को दें, ताकि यह सूचना एआरओ तक पहुंच सके। मतदान के दौरान प्रयोग होने वाली ईवीएम में किसी भी प्रकार की खराबी होती है, तो इसकी सूचना अविलंब एआरओ के साथ साझा करें तथा मतदान पूरा होने के बाद ईवीएम का क्लोज बटन अवश्य दबाएं। संचालन दीपक कुमार मंथन, पीओ बालकुंज ने किया। मौके पर तहसीलदार बिलासपुर गौरव सभरवाल, जिला बाल कल्याण अधिकारी सुखमिंद्र सिंह, नायब तहसीलदार आशीष कुमार, कुलदीप, मास्टर ट्रेनर सुरेंद्र, रामेश्वर दास मौजूद रहें।