संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सेक्टर-17 स्थित जिमखाना क्लब के बाद उस समय लोगों में हड़कंप मच गया, जब वहां फायर ब्रिगेड, पुलिस, एबुलेंस सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं की गाड़ियां पहुंच गई। अचानक गाड़ियों के बजते हूटरों से वहां लोगों के कदम रुक गए। तभी आपात सेवाओं की गाड़ियों से उतरे कर्मचारियों ने जिमखाना क्लब से पंचायत भवन को जाने वाला रास्ता बंद कर दिया। सभी कर्मचारी हाथों में उपकरण व बचाव टूल पहनकर इधर से उधर दौड़ते रहे। इससे लोग काफी घबरा गए और लगा कोई बड़ा हादसा हुआ है, लेकिन बाद में पता चला कि यह प्रशासन की ओर से करवाई गई मॉक ड्रिल थी, जिससे लोगों में राहत मिली।
मॉक ड्रिल के यह पॉश इलाका बहुत ही सोच समझकर चुना गया था, चूंकि यहां पास में शहर का बड़ा और नामी स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल, जिमखाना, स्वर्ण जयंती पैलेस, राजनीतिक दल का कार्यालय, मंदिर सहित आसपास दुकानें भी हैं। यह मॉक ड्रिल भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिडेट और जिला प्रशासन की ओर से करवाया गया था। ड्रिल के दौरान गैस चैंबर में आग लगने की सूचना पर शीघ्र लोगों को सुरक्षित करना और आग पर काबू पाना रहा। यह तीसरे व अंतिम चरण का अभ्यास था, जो डीसी के निर्देशों पर करवाया गया। इस ड्रिल में मुख्य घटना नियंत्रक सतीश कुमार यमुनानगर गैस व्यवसाय के टेरिटरी हेड के नेतृत्व में हुई। इसमें वंशी कृष्ण, कृष्ण नंदन तिवारी ने साइट घटना नियंत्रक की भूमिका निभाई। नियंत्रक सतीश कुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य अपनी तैयारियों की परख करना था। आबादी वाले क्षेत्र में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए यह अभ्यास किया गया था। इसमें सभी सदस्यों ने शानदार कार्य किया। ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड, पुलिस और बीपीसीएल की पारस्परिक सहयोगी संस्थाएं गेल इंडिया और जमना ऑटो इंडस्ट्रीज के सहयोगी आग की सूचना मिलने पर दस मिनट के भीतर पहुंच गए थे।
मॉक ड्रिल के दौरान आग से बचाव का मास्क पहनकर तैयार कर्मचारी। संवाद
मॉक ड्रिल के दौरान आग से बचाव का मास्क पहनकर तैयार कर्मचारी। संवाद
मॉक ड्रिल के दौरान आग से बचाव का मास्क पहनकर तैयार कर्मचारी। संवाद