विकास कार्यों के नाम पर सरकारी ग्रांट की बर्बादी की जा रही है। नगर निगम की ओर से इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की कॉलोनियों में तीन करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाने के टेंडर जारी किए गए हैं। कुछ पार्षदों ने आरोप लगाया है कि इनमें करीब दो करोड़ रुपये के टेंडर उन पार्कों व सड़कों के लिए दिए गए हैं, जहां जरूरत ही नहीं है। वहीं जहां वाकई विकास कार्यों की जरूरत हैं, वहां ग्रांट की एक पाई भी नहीं लगवाई जा रही है।
इम्प्रूवमेेंट ट्रस्ट के अधीन आने वाली शास्त्री कॉलोनी, सरोजनी कॉलोनी, सरोजनी कॉलोनी फेज वन में सड़कों की मरम्मत, इंटरलाकिंग टाइल्स लगाने, पार्कों में फुटपाथ बनाने व अन्य कार्यों के लिए करीब तीन करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए हैं। ये कॉलोनियों नगर निगम के वार्ड आठ व नौ में आती हैं। सरोजनी कॉलोनी का कुछ हिस्सा वार्ड नंबर 19 में भी आता है। नगर निगम प्रशासन ने वार्ड नंबर नौ में एक करोड़ 78 लाख व वार्ड नंबर आठ में एक करोड़ 25 लाख रुपये के टेंडर दिए हैं।
जागिंग ट्रैक होने पर भी ट्रैक बनाने के लिए साढे़ सात लाख का टेंडर
शास्त्री कॉलोनी के केशव पार्क में जागिंग ट्रैक बनाने के लिए सात लाख 71 हजार का टेंडर जारी किया गया है। जबकि पार्क में जागिंग ट्रैक बना हुआ है और बिल्कुल सही हालत में है। देखा जाए तो यहां ट्रैक बनाने की कोई जरूरत नहीं है। केशव पार्क के चारों ओर आसपास की सड़कों के निर्माण के लिए भी लाखों रुपये के टेंडर दिए गए हैं, जबकि यहां की सभी सड़कें अच्छी स्थिति में हैं। कॉलोनी की इन सड़कों का निर्माण तीन साल पहले ही करवाया गया था।
यहां पार्क बदहाल, फिर भी ग्रांट नहीं
दिलचस्प बात यह है कि इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की सरोजनी कॉलोनी में स्वामी विवेकानंद पार्क की हालत काफी खराब है। वहीं, अर्जुन पार्क में भी काफी काम होना है। तीन करोड़ रुपये का टेंडर जारी करने वाले निगम अधिकारियों को इन पार्कों की खस्ताहालत नजर नहीं आई। या फिर ये कहा जाए कि इन जगहों को ही नजर अंदाज कर दिया गया। वार्ड नंबर 19 के पार्षद नीरज राणा ने बताया कि स्वामी विवेकानंद पार्क व अर्जुन पार्क उनके वार्ड में आता है। इन पार्कों में पिछले ढाई साल से कोई विकास कार्य नहीं हुए हैं। इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के एरिया में विकास कार्य करवाने के लिए मुझसे लिस्ट मांगी गई थी। मैने इन पार्कों के नाम दिए थे, लेकिन बजट की कमी बताकर इन पार्कों को छोड़ दिया गया। इसके अलावा सरोजनी कॉलोनी की एक-दो सड़कें भी काफी खराब हैैं। लिस्ट में इन सड़कों का भी जिक्र किया गया था, लेकिन इन सड़कों के लिए एक भी पैसा मंजूर नहीं किया गया।
नगर निगम हाऊस की बैठक में इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की कॉलोनियों में जरूरत के अनुसार विकास कार्य करवाने की मंजूरी दी गई थी। इनकी जरूरत पूरी होने के बाद बाकी रकम अन्य वार्डों में बराबर-बराबर बांटने पर सहमति हुई थी। विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ रुपये निगम के पास है। टेंडर जारी करने में घोर अनियमितता बरती गई है। जहां विकास कार्य की जरूरत नहीं है, वहां भी लाखों रुपये के टेंडर दे दिए गए हैं। ज्वाइंट कमीश्रर से मिलकर टेंडर नए सिरे से करवाने की मांग की जाएगी।
निर्मल चौहान, पार्षद, वार्ड नंबर 14
निगम अधिकारियों ने तीन करोड़ रुपये के टेंडर दिए हैं। जिन विकास कार्यों के लिए टेंडर दिए गए हैं, वे सभी 20-25 लाख में करवाए जा सकते हैं। जहां सही में विकास कार्य करवाने की जरूरत थी, वहां एक भी पैसा नहीं लगाया जा रहा है।
नवनीत शर्मा, पार्षद, वार्ड नंबर 13
निगम अधिकारी पहले भी ग्रांट के इस्तेमाल में बंदरबांट कर चुके हैं। कुछ माह पहले वार्डों में लगने वाले स्पीड ब्रेकरों में भी अनियमितता बरती गई थी। किसी वार्ड में अधिक और किसी में एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं लगवाए गए थे।
नीरज राणा, पार्षद, वार्ड नंबर 19
वर्जन-
इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की कॉलोनियों में विकास कार्य करवाने के लिए संबंधित पार्षदों से लिस्ट मांगी गई थी। उसके अनुसार ही टेंडर जारी किए गए हैं। कुछ पार्षदों ने इस पर एतराज जताया है। इस कारण फिलहाल सभी टेंडरों के वर्क आर्डर रोक दिए गए हैं। पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही वर्क आर्डर जारी किए जाएंगे। जहां जरूरत होगी, वहीं ग्रांट लगाई जाएगी।
रमेश मंढान, एक्सईएन, यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम