यमुनानगर के पॉश इलाके माडल टाउन में एक गिफ्ट कार्नर की दुकान में देर रात ब्लास्ट के बाद आग लग गई। इस धमाके से आसपास की पांच दुकानों के शटर, शीशे और एल्युमीनियम फिटिंग उखड़ गईं। वहीं, गिफ्ट कार्नर शॉप में रखी 70 हजार की नकदी सहित करीब सात लाख रुपये का माल जलकर नष्ट हो गया।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। पुलिस अधिकारियों ने इसमें किसी विस्फोटक पदार्थ के होने से इंकार किया है। संभावना जताई जा रही कि बंद दुकान में उत्पन्न हुए प्रेशर की वजह से ब्लास्ट हुआ है।
मॉडल टाउन स्थित अनिल गिफ्ट कार्नर की दुकान में दीवाली की रात करीब 3:15 बजे तेज धमाके के बाद आग लग गई। दुकान में गिफ्ट आइटम और अन्य ज्वलनशील आइटम होने के कारण देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर आई।
दमकल कर्मचारियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दुकान मालिक अनिल ने बताया कि दुकान में 70 हजार रुपये नकद और करीब सात लाख रुपये का माल जल गया। दुकान में तेज धमाका होने के कारण पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुुंच गए।
धमाके में किसी विस्फोटक की आशंका के मद्देनजर मधुबन कीे फोरेंसिक साइंस लबोरेट्री की टीम को बुलाया गया। इस टीम ने दुकान और आसपास गहनता से छानबीन की और कुछ नमूने एकत्र किए। मौके पर किसी भी प्रकार का विस्फोटक नहीं पाया गया। आसपास भी जांच की गई है।
घरों में महसूस किया गया कंपन
आधी रात को हुआ इस धमाके से बाजार के पीछे रिहाइशी क्षेत्र में बने मकानों में कंपन महसूस किया गया। घरों में सो रहे लोग घबरा कर उठ खड़े हुए। दिवाली की रात होने के कारण सभी ने समझा कि कोई बड़ा बम फोड़ा गया है। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गिफ्ट कार्नर की दुकान में लगा लोहे का शटर उखड़कर करीब 40 फुट दूर जाकर गिरा।
दुकान की ऊपरी मंजिल पर लगी खिड़की की एल्युमीनियम की फिटिंग भी उखड़कर दूर जा गिरी। गिफ्ट कार्नर से सटी संजय ग्राफिक्स की दुकान का भी लोहे का शटर और एल्युमीनियम की फिटिंग उखड़ गई। संजय ग्राफिक्स से सटे तीन मंजिला स्मार्ट वॉक शूज शोरूम में लगे मोटे शीशे टूटकर बिखर गए। शोरूम मालिक के मुताबिक उन्होंने कुछ दिन पहले ही तीनों मंजिलों पर करीब डेढ़ लाख रुपये से इन मोटे शीशों को लगवाया था। गिफ्ट कार्नर की दुकान के सामने सड़क के पार स्थित फाइन फैशन टेलर की दुकान का शटर भी अपनी जगह से उखड़ गया और दुकान के भीतर लगे शीशे टूट गए।
साथ में स्थित पवन क्लाथ हाउस की दुकान का शटर उखड़ गया। पास ही स्थित रोशन बुक डिपो के भी शीशे तेज धमाके की वजह से टूट गए। इस धमाके की तीव्रता को देखकर हर कोई इसे आतंकी वारदात से जोड़कर देख रहा था।
दुकान में थी गैस लाइटर भरने की मशीन
अनिल गिफ्ट कार्नर की दुकान में बड़ी संख्या में परफ्यूम, डी ओड्रेंट के अलावा गैस लाइटर भरने की मशीन भी थी। फोरेंसिक टीम को जब मौके से कोई विस्फोटक नहीं मिला तो धमाके की वजह जानने के लिए उन्होंने मौके से जले हुए सामान के टुकड़े जांच के लिए इकट्ठा किए।
जांचकर्त्ताओं के मुताबिक दुकान के भीतर भारी मात्रा में प्रेशर बना, जिससे तेज धमाका हुआ। संभावना जताई जा रही है कि यह प्रेशर गैस लाइटर भरने वाली मशीन में मौजूद गैस का हो सकता है। गिफ्ट कार्नर के मालिक अनिल इसके पीछे दुकान मालिक का हाथ बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका दुकान को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है।
घटनास्थल से कोई भी विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला है। फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि धमाका किस वजह से हुआ है। एफएसएल की टीम ने जले हुए सामान से कुछ टुकड़े लिए हैं। एफएसएल की रिपोर्ट आने पर ही धमाके की वजह का पता चल पाएगा।
विजेंद्र विज, डीएसपी, हेडक्वार्टर
पुआल जलाने के चक्कर में जला डेढ़ एकड़ गन्ना
जगाधरी में दिवाली के दिन एक व्यक्ति द्वारा खेतों में पुआल जलाते समय गन्ने के खेत में आग लग गई। जिस कारण गरौला निवासी गुरदीप की डेढ़ एकड़ गन्ने की फसल जल गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। किसान का कहना है कि आग की वजह से उसे एक लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार दीपावली के दिन गरौला गांव के एक व्यक्ति दोपहर बाद खेतों में पुआल जला रहा था। इस दौरान तेज हवा होने के कारण आग भड़क गई और वह गांव के किसान गुरदीप के गन्ने के खेत में जा लगी। जब आसपास के लोगों ने गन्ने के खेत में आग लगी देखी, तो उन्होंने अपने स्तर पर उस पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन आग बुझने की बजाए भड़कती चली गई।
सूचना मिलने के बाद बिलासपुर से मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। किसान गुरदीप का कहना है कि गांव की वजह से उसका डेढ़ एकड़ में खड़ा गन्ना जल गया। जिस कारण उसे एक लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
कुंभकर्ण की नींद सो रहे अधिकारी
खेतों में पुआल जलाना दंडनीय अपराध है। इससे जहां पर्यावरण दूषित होता है, वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति पर भी विपरित असर पड़ता है। खेतों में पुआल जलाने पर अंकुश लगाने वाले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कुंभकरर्णी नींद सो रहे हैं।
ऐसा नहीं है कि यमुनानगर जिले में दिवाली के दिन किसी ने पहली बार खेतों में पुआल जलाई है। इससे पहले भी क्षेत्र के किसान खेतों में पुआल को जला चुके हैं। लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों ने अभी तक किसी के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया है। बोर्ड के अधिकारी कर्मचारियों की कमी का रोना रोकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि खेतों में पुआल जलाने वालों के खिलाफ अगर पहले से सख्ती की जाती, तो शायद गरौला गांव निवासी गुरदीप का खेत आग लगने से बच सकता था। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पीके शर्मा का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
दिवाली की रात कई जगह लगी आग
दिवाली की रात पटाखों के कारण कई जगह आग लगने की घटनाएं हुई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। आग की किसी भी घटना में कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ, माल का नुकसान जरूरी हुआ है।
गांव जोड़ियों में रविवार रात करीब 11 बजे पराली के ढेर में पटाखों के कारण आग लग गई। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना फायरब्रिगेड को दी। मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड के कर्मचारियों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसमें पराली का पूरे का पूरा ढेर जलकर राख हो गया। उधर, बाड़ी माजरा स्थित इनर पैकिंग के गोदाम में रात करीब 12 बजे आग लग गई।
आसपास के लोगों ने घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड को दी। फायर बिग्रेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे बाद स्थिति पर काबू पाया गया। इसमें हजारों का नुकसान बताया जा रहा है। वहीं, एक अन्य घटना यमुनानगर इंडस्ट्री एरिया स्थित में हुई। यहां पर कमल इंजीनियरिंग में रात के समय आग लग गई। जिसे फायरब्रिगेड के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू किया।
जगाधरी में स्टील फैक्टरी में भी घटना
जगाधरी स्थित एक स्टील फैक्टरी में रविवार रात करीब 11 बजे आग लग गई। आग लगने पर आसपास के लोगों ने जानकारी फैक्टरी मालिक को दी और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी पहुंची और करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।
फैक्टरी संचालक सुभाष ने बताया कि अभी नुकसान का पता नहीं चल पाया है। फैक्टरी में पैकिंग के लिए रखा गत्ता जला है। नुकसान का आंकलन लगाया जा रहा है।