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Yamuna Nagar News: लंबित मांगों के रोष में मिड डे मील वर्कर्स व हेल्पर्स ने प्रदर्शन

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जगाधरी। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन (सीटू व एसकेएस) से जुड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने जिला प्रधान रामकुमार कांबोज की अगुवाई में सचिवालय परिसर में लंबित मांगों के रोष में प्रदर्शन किया। साथ ही तहसीलदार को शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें लंबित मांगों को पूरा करने की मांग रखी। इससे पूर्व सभी सचिवालय के समक्ष जगाधरी अनाज मंडी गेट पर जुटे।
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जहां यूनियन की राज्य महासचिव शरबती ने संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में महंगाई चरम पर है। जिसमें मिड डे मील वर्कर्स व हेल्पर्स आर्थिक तंगी झेल रही हैं। जिनका काम खाना बनाने व परोसने का है, अन्य कार्य भी लिए जा रहे हैं। जबकि न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा और मानदेय भी दस महीने का मिलता है। यह 12 माह का मिलना चाहिए। सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कम बच्चों वाले स्कूलों को बंद किया जा रहा है और स्कूल मर्ज किए जा रहे हैं। इससे हजारों मिड डे मील वर्कर्स व हेल्पर्स का रोजगार छीना जा रहा है। इन्हीं मुद्दों व लंबित मांगों के रोष में 9-10 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे के महापड़ाव में मिड डे मील वर्कर्स व हेल्पर्स शामिल रहेंगी। मौके पर जिला सचिव सुषमा, प्रकाश कौर, उषा, शिमला, राजकोट, सीटू नेता विनोद त्यागी, रोशन लाल, एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सोडे, जोत सिंह, आंगनबाड़ी से मीनाक्षी शशि व अन्य मौजूद रहे।
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ज्ञापन में रखी ये मांगें-
-मिड डे मील वर्कर्स को 24000 रुपये न्यूनतम वेतन पूरे साल का मिले।
-राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 रद्द हो।
-स्कूलों मर्ज व बंद ना किया जाएं।
-किसी की छंटनी ना की जाए।
-छटनीग्रस्त मिड डे मील वर्करों को काम पर दोबारा रखा जाए।
-मिड डे मील वर्कर्स के परिवार को हर व्यक्ति 10 किलोग्राम अनाज प्रति माह मुफ्त दिया जाए।
-65 साल की उम्र में वर्कर रिटायर की जाए और उन्हें दो लाख रुपये दिए जाएं।
-मिड डे मील वर्कर्स को वर्दी भत्ता 2000 रुपये वार्षिक दिया जाए।
-घायल होने पर इलाज व 50 हजार रुपये और मृत्यु पर आश्रितों को पांच लाख रुपये मुआवजा मिले।
-मिड डे मील वर्करों को पक्का कर्मचारी बनाया जाए व ईएसआई और पीएफ में कवर किया जाए।
-12वीं कक्षा तक के सभी बच्चों (प्रवासी मजदूरों के बच्चों सहित) को मिड डे मील योजना के दायरे में लाया जाए।
-मिड डे मील वर्कर्स से कराई जा रही बेगार बंद हो और माह में दो अवकाश मिले।
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