यमुनानगर। जिले में 36 घंटे से रूक-रूक कर बारिश हो रही है। वीरवार सुबह शुरू हुई बारिश शुक्रवार शाम तक जारी रही। इससे जिले का पारा 33 डिग्री से लुढ़क कर 26 डिग्री पर आ गया है। दो दिन में ही पारा सात डिग्री तक कम हो गया है। वहीं न्यूनतम तापमान भी तीन डिग्री कम होकर 23 डिग्री पर पहुंच गया। लगातार हो रही बारिश से पानी सड़कों के किनारे भर गया। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की वजह से सड़कों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
जिले में वीरवार सुबह आठ बजे से लेकर शुक्रवार सुबह आठ बजे तक जिले में औसतन सात एमएम बारिश हो चुकी थी। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश प्रतापनगर में 12 एमएम व साढौरा में 10 एमएम हुई। वहीं सबसे कम बारिश तीन एमएम बिलासपुर में हुई। शक्रवार सुबह बारिश थम गई थी। जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली थी। दोपहर को मौसम ने एक बार फिर से पलटी मारी। काले बादल उमड़ आए। दोपहर करीब तीन बजे बारिश शुरू हो गई। इस दौरान कहीं तेज तो कहीं कम बारिश हुई। दिनभर हुई बारिश के कारण वीरवार रात लोगों कंबल तक ओढ़ कर सोना पड़ा। दो दिन से लोगों ने अपने एसी भी नहीं चलाए हैं। बारिश के कारण लोगों को गर्मी व उमस से बड़ी राहत मिली है। माना जा रहा है कि अब गर्मी का असर कम होगा क्योंकि बारिश से तो बदलाव आया ही है। वहीं कुछ राज्यों में पहाड़ों में शुरू हुई बर्फबारी का असर भी जिले में दिखाई देगा। इससे अधिकतम तापमान में कमी आएगी।
किसानों को डर कहीं हवा न चल जाए
रूक-रूक कर हो रही बारिश फसलों के लिए लाभकारी है। परंतु किसानों को इस बात का डर है कि कहीं तेज हवा न चल जाए। हवा से धान की फसल का खेतों में बिछने का खतरा रहता है। क्योंकि दो दिन से हो रही बारिश से धान के पौधे भारी हो जाते हैं। थोड़ी सी हवा चली नहीं की वह जमीन पर बिछ जाएंगे, जिससे किसानों को नुकसान होगा। किसान मंदीप सिंह, रामबीर चौहान, फूल चंद ने बताया कि अब धान की फसल धीरे-धीरे पकनी शुरू हो जाएगी। परंतु हवा चली तो नुकसान भी उठाना पड़ जाएगा। इसलिए खेतों में पानी निकासी का प्रबंध कर रहे हैं ताकि पानी जमा न हो।
जिले में कहां कितनी हुई बारिश:
तहसील एमएम
जगाधरी 04
बिलासपुर 03
रादौर 05
छछरौली 07
सरस्वतीनगर 06
साढौरा 10
प्रतापनगर 12