रादौर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को कार्यक्रम हुआ। इसमें एसएमओ डॉ. विजय परमार ने 11 जून को शुरू होने वाले 100-डे एनीमिया अभियान के तहत एनीमिया के प्रसार को कम करने के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में सौ आंगनबाड़ी कर्मियों व 12 स्कूल क्लस्टर हेड ने हिस्सा लिया।
डॉ. विजय परमार ने एनीमिया के लक्षण, दुष्परिणाम व सावधानियों के बारे में जानकारी दी। एनीमिया होने पर दी जाने वाली गोली व आयरन सिरप के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि आयरन की गोलियां, सिरप लेने के बाद बच्चों व वयस्कों में कुछ दुष्परिणाम आते हैं। जैसे उल्टी, पेट में दर्द, कब्ज या हल्के दस्त लग सकते हैं। इस तरह की स्थिति दो या तीन दिन तक ही रहती है। बाद में स्वयं ठीक हो जाती है। अध्यापकों व आंगनबाड़ी कर्मियों को बताया गया कि उनके अधीन आने वाले बच्चों के माता-पीता को एनीमिया की दवा व उससे होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताएं, जिससे उनके मन में दुविधा दूर हो। जिन लोगों का हीमोग्लोबिन लेवल सात ग्राम से कम आएगा, उनकी आगे भी जांच की जाएगी। जिससे पता चले कि एनीमिया किस प्रकार का है। सभी लोग किसी भी चिकित्सा संस्थान में जाएं, वहां अपना हीमोग्लोबिन लेवल की जांच जरूर कराएं। एनीमिया होने पर बच्चों में स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है। शारीरिक रूप से विकास कम हो जाता है, इसलिए जितनी जल्दी एनीमिया मुक्त होंगे, उतना ही समाज स्वस्थ होगा। मौके पर डॉ. पल्लवी मार्या, संगीता, राकेश डोगरा व अन्य स्टाफ मौजूद रहा।