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एजेंडे के प्रस्तावों पर आपत्ति से भड़के मेयर और पार्षद

Sat, 20 Jun 2015 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे/यमुनानगर
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नगर निगम की 24 जून की प्रस्तावित हाउस मीटिंग से पहले खींचतान शुरू हो गई है। मीटिंग से पूर्व एजेंडे में शामिल प्रस्तावाें पर डीसी की आपत्ति मेयर समेत 10 पार्षदों को नागवार गुजरी है। इसी विरोध में शुक्रवार को डीसी ऑफिस में एजेंडा फाइनल करने को बुलाई गई मीटिंग से सभी पार्षद गुस्से में उठकर बाहर आ गए। पार्षदों का आरोप है कि सरकार के दबाव में प्रशासन उनके वार्ड में कोई विकास कार्य नहीं होने दे रहा। फंड की कमी बताकर उनके प्रस्तावों को एजेंडे से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है।

 किंतु इन प्रस्तावों के बिना हाउस मीटिंग का कोई औचित्य नहीं है। फिलहाल पार्षदाें ने सोच-विचार कर अंतिम फैसला बताने के लिए सोमवार तक का समय मांगा है।
डीसी कार्यालय में डीसी व नगर निगम के आयुक्त डॉ. एसएस फुलिया और एसडीएम व नगर निगम के ज्वाइंट कमीशनर जगाधरी प्रेमचंद ने एजेंडे को फाइनल करने के लिए मीटिंग हुई। इसमें मेयर व वार्ड नंबर 20 की पार्षद सरोज बाला, डिप्टी मेयर रामपाल सहित दस वार्डों के पार्षद शामिल हुए। इनमें वार्ड नंबर-14 से निर्मल चौहान, 13 से नवतीत नवनीत उर्फ नीलू पंडित, 5 से देवेंद्र, 1 से रामस्वरूप, 12 से प्रिया, 11 से अजय कुमार, 16 से जसबीर, 10 से सतपाल मौजूद रहे।
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करीब पौन घंटे तक चली बातचीत के बाद मेयर सहित अन्य पार्षद मीटिंग से काफी गुस्से में डीसी ऑफिस से बाहर आए। पार्षदों ने बताया कि 24 जून की प्रस्तावित हाउस मीटिंग के एजेंडे में शामिल छह प्रस्ताव पर डीसी व नगर निगम आयुक्त को आपत्ति है। उन्होंने फंड की कमी का हवाला देते हुए इन्हें हाउस मीटिंग में रखने से माना कर दिया है। मेयर सहित दस पार्षदों ने एक सूर में कहा कि वह किसी भी सूरत में इन प्रस्तावाें को एजेंडे से बाहर नहीं होने देंगे।

इन छह प्रस्तावों पर आपत्ति
- निगम के सभी पार्षदों को निगम की जगह पर पार्षद दफ्तर बनाने के लिए दस-दस लाख रुपये दिए जाएं।
- जो वर्क ऑर्डर दिए हुए हैं, उन पर कार्य क्यों नहीं हुआ।
- शांति कॉलोनी वार्ड नंबर-11 में पानी की निकासी बारे।
-सभी वार्डों में 50-50 लाख रुपये विकास कार्यों के लिए दिए जाएं।
- पार्षद अपनी मर्जी से प्राथमिकता के आधार पर निगम के फंड से टेंडर हुए कार्य को अपने वार्ड में चेंज करवा सकें।
- मैपमाई इंडिया कंपनी की विजिलेंस जांच बारे।


प्रस्तावों के बिना हाउस मीटिंग का नहीं कोई औचित्य
वार्ड नंबर-13 से पार्षद नवनीत उर्फ नीलू पंडित ने कहा कि प्रशासन को एजेंडे के जिन छह प्रस्तावाें पर आपत्ति है, उनके बिना हाउस मीटिंग का कोई औचित्य नहीं रहेगा। अधिकारी फंड की कमी बता रहे हैं, लेकिन नगर निगम के पास पैसे की कमी नहीं है। सीएम ग्रांट से आए पैसे भी मनमाने ढंग से वार्डों में बांट दिए गए तो अब वार्डों मे विकास के लिए 50-50 लाख रुपये भी नहीं दिए जा रहे हैं। ऐसे में वह लोगों को वार्ड में विकास न होने का क्या कारण बताएं, उन्हें समझ नहीं आ रहा है। सफाई-निकासी व अन्य समस्याओं के लिए भी निचले अधिकारी सुनते नहीं, तो उच्चाधिकारियाें द्वारा उनके प्रस्तावाें को एजेंडे से बाहर किए जाने का काम किया जा रहा है।  

लोगों के सवालों का क्या जवाब दें पार्षद
 वार्ड नंबर- 14 से पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि दिसंबर माह में हुई मीटिंग से प्रत्येक वार्ड में विकास के लिए 40-40 लाख रुपये देने का प्रस्ताव पास हुआ था। इसके बाद विकास कार्यों के लिए टेंडर और वर्क अलॉट होने पर भ्ज्ञी कोई काम नहीं हो पाया है। लोगों के रोज फोन आते हैं, तो उन्हें क्या जवाब दें, यह समझ नहीं आता। वार्ड में सफाई के काम के लिए भी निगम कर्मी कोई सुनवाई नहीं करते है। पिछली मीटिंग में सफाई कर्मियाें की लिस्ट देने की बात हुई थी, जो पार्षदों को अभी तक नहीं मिल पाई है।

एजेंडे सभी पार्षदों की सहमति से तैयार किया गया है। इस पर डीसी को आपत्ति है, जो कि सरासर गलत है। हमें सभी वार्डों में एक समान विकास कराना है, इसी आधार पर हाउस की मीटिंग के लिए एजेंडा तैयार हुआ है।
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सरोज बाला, मेयर, नगर निगम।

वार्ड 5 के पार्षद देवेंद्र का कहना है कि इस नगर निगम का रिमोट कंट्रोल यमुनानगर विधायक के हाथ में है। जब तक विधायक नहीं चाहते तब तक कोई एक रुपया नहीं खर्च हो सकता। विधायक नहीं चाहते की सभी वार्डों में एक समान विकास हो।
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