जिले को जल्द ही मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल 25 सितंबर पांजूपुर गांव में मेडिकल के लिए चयनित जमीन का भूमि पूजन करेंगे। मेडिकल कॉलेज बनाने पर करीब 997 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम फाइनल होने के बाद प्रशासन भी तैयारी में जुट गया है।
जमीन पर खड़ी झाड़ियों को साफ कराया जा रहा है। वहीं जमीन के जिस हिस्से पर कार्यक्रम होगा उसे समतल कराने का काम चल रहा है। माना जा रहा है भूमि पूजन के एक माह बाद कॉलेज निर्माण का कार्य शुरू हो सकता है। मेडिकल कॉलेज बनने से जिले के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के लोगों को भी फायदा होगा। क्योंकि जिस जगह पर कॉलेज का निर्माण होगा वहां से यूपी बॉर्डर की दूरी 10 किलोमीटर से भी कम है।
पांजूपुर गांव में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नाम गुरु तेग बहादुर साहिब राजकीय मेडिकल काॅलेज होगा। इसके बनाने का ठेका सरकार ने ब्रिज एंड रूफ कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया है। मुख्यमंत्री ने 29 मई 2022 को पांजूपुर में गुरु तेगबहादुर मेडिकल काॅलेज की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट डीपीआर को मंजूरी दी थी। इससे पहले 21 सितंबर 2021 को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग और एजेंसी के बीच एमओयू साइन हुआ था।
मेडिकल कॉलेज के लिए ग्राम पंचायत पांजूपुर ने 20 एकड़ जमीन दी है। यह जमीन मेडिकल काॅलेज के नाम हो चुकी है। मेडिकल काॅलेज 997 करोड़ रुपये की लागत बनेगा। दो बार बजट सत्र में इसकी घोषणा हो चुकी है।नियमानुसार मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन जिला सिविल अस्पताल से 10 किलोमीटर के एरिया में होनी चाहिए। यह मेडिकल कॉलेज 200 बेड का होगा। इसमें मेडिकल की पढ़ाई के लिए 100 सीटें निर्धारित होंगी। कॉलेज बनने के बाद छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों या जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। माना जा रहा है कि सरकार मेडिकल कॉलेज बनने तक मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल में कक्षाएं लगा सकती हैं। क्योंकि 11 मई को ही 105 करोड़ रुपये से बने 200 बेड के जिला अस्पताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया है। पांच मंजिला अस्पताल का काफी हिस्सा खाली पड़ा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा ने बताया कि 25 सितंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल पांजूपुरा गांव में गुरु तेग बहादुर सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए भूमि पूजन कर कार्य की शुरुआत करेंगे। मेडिकल कॉलेज पर करीब 997 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह मेडिकल कॉलेज जिले के लोगों के लिए एक संजीवनी बूटी का कार्य करेगा। जो विद्यार्थी मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं उनके लिए यहां पर मेडिकल की पढ़ाई की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।