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333 करोड़ रुपये से बनेगा मेडिकल कॉलेज

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medical college to be built with three hundred thirty crores - फोटो : Yamuna Nagar
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लंबे समय से बेहतर चिकित्सा सुविधा की बाट जोह रहे जिलावासियों को प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज का तोहफा दिया है। यमुनानगर को मिले मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्र सरकार की और से 333 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसमें 60 प्रतिशत हिस्सेदारी के तौर पर लगभग 180 करोड़ केंद्र सरकार और 153 करोड़ रुपये का योगदान प्रदेश सरकार द्वारा किया जाएगा। केंद्रीय स्पांसर स्कीम के तहत इस कॉलेज को बनाया जाना प्रस्तावित है। नए मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग के लिए शहर के बाहरी हिस्से गुलाब नगर कॉलोनी के पास 20 एकड़ जमीन की पहले ही पहचान कर ली गई है। इसके बुनियादी ढांचे पर 333 करोड़ रुपये खर्च करने के अलावा इसमें जरुरी मेडिकल साजो सामान के लिए 50 करोड़ रुपये रिजर्व रखे गए हैं।
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सरकार ने साल 2023 तक मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाने का लक्ष्य रखा है। 200 बेड वाले इस मेडिकल कॉलेज के बनने से जिलावासियों को काफी फायदा होगा। साथ ही करीब 100 सीटों पर मेडिकल की पढ़ाई होगी। जिससे जिले के युवाओं का मेडिकल की पढ़ाई का सपना भी साकार हो पाएगा। जिलावासियों की लंबे समय से मांग थी कि यहां मेडिकल कॉलेज खोला जाए। इसके बाद चिकित्सकों की कमी भी दूर होगी। अब सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद लोगों के चेहरे पर खुशी का माहौल है।
बजट के दौरान केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मलर सीतारमण ने मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मोड पर मरीजों को सुविधा देने का ऐलान किया था। इसमें सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, एंजियोग्राफी, हार्ट सेंटर, ट्रॉमा और अत्याधुनिक मशीनों को लगाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद जिलेवासियों को तो फायदा होगा ही साथ ही आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों भी उपचार के लिए इसका फायदा हो सकेगा।
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जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को तो परेशानी होती है, साथ ही कार्य कर रहे चिकित्सकों भी परेशानी होती है। मेडिकल कॉलेज बनने से अनुमान लगाया जा रहा है कि जिला अस्पताल में चिकित्सकों की भरपाई हो जाएगी। क्योंकि मेडिकल कॉलेज को जिला अस्पताल से अटैच किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज खुलने से जिले के लोगों को काफी फायदा होगा। जहां गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों के समुचित इलाज के लिए दूसरे जिले नहीं जाना होगा और जिला स्तर पर ही बेहतर इलाज की व्यवस्था मिल जाएगी।
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