जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे-73ए पर उर्जनी के पास लकड़ी से भरी ट्रैक्टर ट्राली और मैक्सी कैब की टक्कर हो गई।
हादसे में रेलवे कर्मचारी समेत तीन लोगाें की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। घायलाें का उपचार ट्रामा सेंटर में चल रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की।
अंबाला के मंगलाई निवासी बिट्टू रोजाना की तरह सोमवार अलसुबह मैक्सी कैब में अंबाला से समाचार पत्र लेकर जगाधरी और छछरौली देने के बाद खिजराबाद पहुंचा।
खिजराबाद से वह सुबह करीब छह बजे वापस अंबाला के लिए निकल पड़ा। खिजराबाद अड्डे से उसके साथ जगाधरी वर्कशाप रेलवे में खलासी के पद पर कार्यरत कोहलीवाली निवासी रूपचंद (58), देवधर निवासी प्रकाश चंद (45), भूड़कला निवासी प्रवीण कुमार, देवधर निवासी मांगेराम और देवधर के ही अनुराग अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए बैठ गए।
चुहड़पुर गांव के पास से मैक्सी कैब में अंबाला में सिंचाई विभाग में टीयर के पद पर कार्यरत चुहड़पुर निवासी जगदीश भी बैठ गए। गाड़ी बिट्टू चला रहा था। उसके पास गांव कोहलीवाला निवासी रूपचंद और देवधर निवासी प्रकाश चंद बैठे थे। गाड़ी में सवार अन्य लोग वाहन में पीछे की ओर बैठे थे। नेशनल हाईवे-73ए से जगाधरी की ओर आ रहे थे तो रास्ते में उर्जनी के पास मैक्सी कैब की आगे चल रही लकड़ी से भरी ट्राली में हो गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि मैक्सी कैब का अगला हिस्सा ट्राली में घुसकर क्षतिग्रस्त हो गया। जीप में सवार लोगाें ने मदद के लिए पुकार की। इस पर कुछ देर बाद हाईवे पर राहगीरों की भीड़ लग गई। हादसे की सूचना कंट्रोल रूम में दी गई। सूचना मिलने पर मौके पर एंबुलेंस और पुलिस पहुंची। हादसे में घायल हुए लोगों को ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने कोहलीवाला निवासी रूपचंद और वाहन चालक अंबाला निवासी बिट्टू को मृत घोषित किया। हादसे में घायल हुए अन्य लोगों का उपचार दिया गया। इनमें से देवधर निवासी प्रकाश चंद को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचने पर चिकित्सकों ने प्रकाश चंद को भी मृत घोषित कर दिया।
खिड़की तोड़कर निकाले घायल बाहर
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मैक्सी कैब का अगला हिस्सा ट्राली में पीछे की ओर निकली लकड़ी के नीचे घुस गया। लकड़ी की चपेट में आने से गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर इकट्ठा हो गया। इसमें मैक्सी कैब में आगे बैठे कोहलीवाला निवासी रूपचंद और चालक बिट्टू बुरी तरह फंस गए। मैक्सी कैब में पीछे बैठे लोग किसी तरह मैक्सी कैब से निकले और राहगीरों की मदद से अगली सीट पर बैठ घायलों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं निकल पाए। इस पर राहगीरों ने कार की खिड़कियां तोड़कर उन्हें बड़ी मशक्कत के बाद निकाला।
एक घंटे तक लगा रहा जाम
हादसे के बाद हाईवे पर लकड़ी से लदी ट्राली और मैक्सी कैब सड़क के बीच में खड़ी हो गई, वहीं हाईवे पर राहगीरों की भीड़ लग गई। इससे हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने के करीब आधा घंटा बाद छछरौली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हाईवे पर लगे जाम को सुचारू रूप दिया। करीब एक घंटे के बाद हाईवे पर लगे जाम को खुलवाया गया।
ट्राली में रिफ्लेक्टर होता तो नहीं होता हादसा
मैक्सी कैब की जिस ट्रैक्टर-ट्राली के साथ टक्कर हुई उसके पीछे रिफ्लेक्टर लगा हुआ नहीं था। इसके अलावा लकड़ी पीछे तक निकली हुई थी।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय अंधेरा और हल्की धुंध होने के कारण मैक्सी कैब चालक को आगे चल रही ट्राली का आभास नहीं हुआ। जिससे मैक्सी कैब ट्राली में जा घुसी।
कैब में सवार देवधर निवासी मांगेराम और अनुराग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनका उपचार ट्रामा सेंटर में चल रहा है। दो दोस्त दिल्ली में कल्याणपुरी के एक स्कूल में गेस्ट टीचर है। संडे की छुट्टी पर घर आए थे। सुबह यमुनानगर से दिल्ली के लिए बस पकड़ने के लिए खिजराबाद से मैक्सी कैब में बैठे थे। इसके अलावा चुहड़पुर निवासी जगदीश को अंबाला, कोहलीवाला निवासी रूपचंद को जगाधरी वर्कशाप, देवधर निवासी प्रकाश चंद को करनाल और भूड़कलां निवासी प्रवीण कुमार को छछरौली की एक फैक्टरी में जाना था।