फर्कपुर की नंदा कॉलोनी में लोगों के घरों में कई दिनों से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। गंदा पानी पीने से करीब छह लोग बीमार हैं। बीमार लोगों ने पहले तो स्थानीय डॉक्टरों से उपचार कराया लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालात में थोड़ा सुधार होने पर लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं पेयजल में गंदा पानी कहां से आ रहा है और पाइप में लीकेज कहां से है इसका पता नहीं चल पाया। जनस्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की टीम दो दिन से कॉलोनी में डेरा डाल कर लीकेज की जांच कर रही है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली। जिस तरह से लोग उल्टी, पेट दर्द व बुखार से ग्रस्त हैं उससे नंदा कॉलोनी में डायरिया फैलने की संभावना जताई जा रही है।
कॉलोनी में ममता, नीरज, बिल्ला, हसीना, काला व मतलूब समेत कई अन्य लोग पेट दर्द व उल्टी से परेशान हैं। नंदा कॉलोनी की ज्यादातर गलियां पक्की हैं। गलियों में बिछाई गई पेयजल लाइन के साथ ही सीवरेज लाइन भी है। जांच में अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि पेयजल में गंदा पानी सीवरेज का आ रहा है या फिर नाले का। ज्यादातर लोग उस एरिया में बीमार हैं जो लोग नि़चले इलाकों में रह रहे हैं। पानी में आ रही गंदगी निचले इलाकों में एकत्रित हो रही है। जिस कारण वहां लोग ज्यादा परेशान हैं।
वार्ड 18 की पार्षद कुसुमलता ने बताया कि नंदा कॉलोनी में कुछ दिनों से घरों में गंदा पानी आ रहा है। इस बारे में लोग एकत्रित होकर उनके पास आए थे। इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ व नगर निगम के अधिकारियों को अवगत करवा दिया था। दोनों की टीमें कॉलोनी में आई थी। परंतु लीकेज का पता नहीं चल पाया है। ऐसा भी हो सकता है कि किसी ने अनाधिकृत व्यक्ति से पेयजल कनेक्शन कराया हो और वहां से गंदा पानी पाइप लाइन में चला गया हो। बीमार लोग अपना उपचार करवा रहे हैं।