यमुनानगर। सर, हमारी हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि सालों से उपेक्षित, उजाड़ और वीरान पड़े क्वालिटी मार्किंग सेंटर में जल्द मिनी टूल रूम और ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाए। क्वालिटी सेंटर में लगे अधिकारी और कर्मचारी खाली बैठे तनख्वाह ले रहे हैं। सेंटर की मशीनों को जंग लग चुका है। करोड़ों की संपत्ति बेकार पड़ी है। टूल रूम स्थापित होगा तो करोड़ों का राजस्व देने वाले मैटल और प्लाई उद्योग को बड़ा फायदा होगा। वीरवार को क्वालिटी मार्किंग सेंटर मेें आए एडीशनल डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज वजीर सिंह के समक्ष उद्योगपतियों ने खुलकर अपने दिल की भड़ास निकाली।
वजीर सिंह ने क्वालिटी मार्किंग सेंटर का मुआयना करने के बाद उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि जल्द ही यहां नई बिल्डिंग बनाई जाएगी। लुधियाना की तर्ज पर टूल रूम बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के पास फंड की कोई कमी नहीं है। सरकार उद्योगों को हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है। टूल रूम के लिए 30-40 करोड़ भी लगेंगे तो खर्च किए जाएंगे। इस मौके पर हरियाणा चैंबर ऑफ कामर्स के स्टेट प्रेसीडेंट भारत गर्ग, द जगाधरी मैटल मैन्यूफैक्चरर्स एंड स्पलायर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट राज सलूजा, महासचिव सुंदर लाल बतरा, उद्योगपति सुरेंद्र कुमार सिंगला, विमल खरबंदा, सजल जैन आदि उद्योगपति मौजूद थे।
कबाड़ हो गई करोड़ों की मशीनरी
जगाधरी में कई दशक पहले क्वालिटी मार्किंग सेंटर बनाया गया था। यह सेंटर करीब ढाई एकड़ में फैला हुआ है। सेंटर जब स्थापित किया गया था, उस समय यहां करोड़ों रुपये की मशीनरी लगाई गई थी। समय गुजरने के साथ ये मशीनरी आउट डेटेड हो चुकी हैं। मेटल और प्लाई उद्योग के लिए ये मशीनरी किसी काम नहीं आ रही हैं। सेंटर मेें टेकभनील अधिकारी के अलावा कई कर्मचारी भी नियुक्त हैं, जिन्हें प्रतिमाह लाखों रुपये तनख्वाह दी जा रही है। क्वालिटी सेंटर की बिल्डिंग अब खंडहर में तब्दील हो रही है। कुल मिलाकर क्वालिटी मार्किंग सेंटर सरकार के लिए सफेद हाथी बना हुआ है।
टूल रूम बनने से बढे़गा उत्पादन, मिलेगा रोजगार-
जगाधरी में टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर बनाने की मांग कई सालों से लंबित है। सेंटर बनने से इसमें अत्याधुनिक मशीनें आएंगी, जिसका फायदा जिले के मेटल और प्लाइवुड उद्योग को होगा। इसके बनने से उद्यमियों को डाई बनवाने और उसकी मरम्मत के लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। टूल रूम में अत्याधुनिक मशीनें आने से यहां युवाओं को प्रशिक्षण मिल सकेगा। टूल रूम में प्रशिक्षित युवाओं को मेटल और प्लाई उद्योगों मेें रोजगार मिल सकेगा। मेटल और प्लाई उद्योगों को कुशल कारीगर मिल सकेंगे। टूल रूम बनने से उद्योगों को नई तकनीक व सर्विस मिलेगी, जिससे उत्पादन में बढोत्तरी होगी व सरकार का राजस्व भी बढे़गा।
मंत्री को लिखा था लैटर : बतरा
द जगाधरी मेटल मैन्यूफैक्चर्स एंड स्पलायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा ने बताया कि टूल रूम बनाने के लिए एसोसिएशन कई सालों से सरकार और अधिकारियों को पत्र लिख चुकी है। हॉल ही में केंद्रीय उद्योग एवं कामर्स मंत्री विपुल गोयल को पत्र लिखा गया था। केंद्रीय मंत्री ने इस पत्र को सीएम को भेजा। सीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट को रैफर किया। सीएम के निर्देश पर एडिशनल डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज वजीर सिंह उद्योगपतियों से मिलने आए थे।