श्रीलाल द्वारा मंदिर में उपस्थित श्रद्धालु। आयोजक
यमुनानगर। श्री लाल द्वारा मंदिर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव एवं बावा लाल जी की मासिक दूज को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला संकीर्तन मंडली की सदस्यों ने भजनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। मंदिर के आचार्य गोपाल राज ने कहा कि भगवान परशुराम त्रेता युग (रामायण काल) में एक ब्राह्मण ऋषि के यहां जन्मे थे, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। परशुराम जी का उल्लेख रामायण, महाभारत, भागवत पुराण और कल्कि पुराण इत्यादि अनेक ग्रन्थों में किया गया है। वे धरती पर वैदिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना चाहते थे। संवाद
संधाय गांव में हवन-भंडारे का आयोजन
व्यासपुर। अक्षय तृतीया व भगवान परशुराम जयंती गांव संधाय में श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर गांव के खेड़ा मंदिर धर्मशाला में सभी ग्रामवासियों के सहयोग से हवन एवं भंडारे का आयोजन किया गया। भगवान परशुराम जी के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला गया। सतीश शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक धार्मिक प्रतीक ही नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और न्याय के प्रतीक हैं। उन्होंने समाज में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। इस मौके पर सतीश शर्मा, राजेंद्र भारद्वाज, परमाल, नरेश चंद शर्मा, गौरव शर्मा, प्रदीप शर्मा, अनुज शर्मा, मामचंद, निखिल शर्मा, पंडित सौरभ शर्मा उपस्थित रहे। संवाद
भगवान परशुराम जयंती पर किया हवन
प्रतापनगर। आर्य समाज में भगवान परशुराम जयंती पर हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में आर्य काला कश्यप अपने परिवार सहित मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। हवन का संचालन अत्यंत विधि-विधान और वैदिक परंपराओं के अनुरूप किया गया। आर्य ममता और आर्य गुरप्रीत वालिया ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए अनुष्ठान को पूर्ण कराया। इस मौके पर आर्य रामकुमार वालिया, आर्य राजेश सिक्का, आर्य अनिल सिक्का और आर्य रमेश चंद्र वर्माने विश्व कल्याण और विश्व शांति की कामना करते हुए यज्ञ में आहुतियां डालीं दी। आर्य पवन कुमार गुप्ता ने भगवान परशुराम के बारे में बताया। संवाद