संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कार्यालय पहुंच रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी की स्थायी नियुक्त न होने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर के पास अकेले यमुनानगर ही नहीं, बल्कि अंबाला और कुरुक्षेत्र जिलों का भी अतिरिक्त कार्यभार है। तीन जिलों की जिम्मेदारी संभालने के चलते वह किसी एक जिले को पर्याप्त समय नहीं दे पा रही हैं, जिसका असर विभागीय कार्यों और आम लोगों की सुविधाओं पर दिखाई देने लगा है।
समाज कल्याण विभाग में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के आवेदन, सत्यापन, स्वीकृति और लाभार्थियों के रिकॉर्ड से जुड़े कार्य किए जाते हैं। इन कार्यों के लिए दूरदराज गांवों से बड़ी संख्या में लोग कार्यालय पहुंचते हैं। कई बार उन्हें अधिकारी के उपलब्ध न होने के कारण दोबारा चक्कर लगाने पड़ते हैं।
ऐसे में जिला समाज कल्याण अधिकारी का अधिकांश समय विभिन्न जिलों के कार्यालयों में बैठकों, फाइलों और लंबित मामलों के निस्तारण में व्यतीत होता है। यमुनानगर जिले में वह सप्ताह में केवल बुधवार को कार्यालय पहुंच पाती हैं। ऐसे में नए आवेदनों और लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ी रहती है।
14 योजनाओं से जुड़े हैं 1.11 लाख लोग
जिले में वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी 14 योजनाएं संचालित हैं। वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के तहत एक लाख 11 हजार 657 बुजुर्ग लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा 11 हजार 620 दिव्यांगजन, 43 हजार 859 विधवा एवं निराश्रित महिलाएं तथा 11 हजार 843 निराश्रित बच्चे विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना-2025 के अंतर्गत भी 64 हजार 403 लाभार्थी पंजीकृत हैं। लाभार्थियों की संख्या और लगातार बढ़ रहे आवेदनों के बीच विभाग में स्थायी अधिकारी की नियुक्ति की मांग भी उठने लगी है।
यमुनानगर में प्रत्येक बुधवार को नए आवेदनों और लंबित मामलों को स्वीकृति प्रदान की जाती है। विभाग को हर महीने लगभग 1000 नए आवेदन प्राप्त होते हैंं। उपलब्ध संसाधनों के बीच कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
- सुरजीत कौर, जिला समाज कल्याण अधिकारी, यमुनानगर।