संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर में शिक्षण संस्थानों के बाहर छुट्टी के समय मनचले बाइकों व कारों पर स्कूल और कॉलेजों के बाहर मंडराने लगते हैं। लड़के बिना नंबर की बाइकों व कारों में शिक्षण संस्थानों के बाहर घूमते रहते हैं।
प्रेशर हॉर्न व हूटर लगी कारों से मनचले स्कूल-कॉलेजों की सड़कों पर खूब हुड़दंग मचाते हैं। छुट्टी के दौरान संस्थानों के बाहर पुलिस तैनात करने के आदेश हैं, लेकिन जिले में इसका कोई असर नहीं दिखता है। हालात ऐसे हैं कि मनचले गुजरने वाली छात्राओं व लड़कियों पर तंज कंसते और परेशान करते हैं।
पहले शहर के कॉलेजों के बाहर पुलिस खड़ी होने लगी थी, जिससे ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग गया था। परंतु फिर संस्थानों के बाहर से पुलिस नदारद हो गई। इसके बाद धीरे-धीरे वही स्थिति बन गई है। मनचलों की हरकतों से लड़कियां ही नहीं परेशान हैं, बल्कि इससे आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को भी दिक्कत हो रही है। बहन, बेटी को छोड़ने आने वाले लोगों को भी ऐसी हरकतें देखकर शर्मसार होना पड़ता है। ऐसे में शहर के लोगों ने शिक्षण संस्थानों के बाहर छुट्टी के समय नियमित पीसीआर और राइडर तैनात करने की मांग की है।
उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष संजय मित्तल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के बाहर मनचलों का खड़े होना लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल उठा रहा है। मनचलों की हरकतों से लड़कियों का रास्ता चलना मुश्किल हो गया है। लड़के बाइकों व कारों में सवार होकर शिक्षण संस्थानों के चक्कर लगाते रहते हैं। तेज ध्वनि में गाने बजाकर निकलते हैं और लोगों को परेशान करते हैं। यही नहीं कई लड़के टक्कर पर डीजे जितना भारी भरकम स्पीकर रखकर ऊंची आवाज में गाने बजाते हैं। स्कूल-कॉलेज के बाहर छुट्टी के दौरान नियमित रूप से पुलिस तैनात रहे।
कारोबारी हरविंद्र सिंह चहल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के बाहर पुलिस तैनात करने के साथ इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। यह दिक्कत सबसे ज्यादा लड़कियों के स्कूल व कॉलेज के बाहर है। दोपहर व शाम को छुट्टी के दौरान इन संस्थानों के बाहर लड़कों की टोलियां खड़ी रहती है। ऐसे में स्कूल व कॉलेज में स्टाफ, चौकीदार, गेट मैन, कर्मचारियों के साथ छात्राओं को इसके विरुद्ध विशेष रूप से जागरूक किया जाए। लड़कों को भी इसके प्रति जागरूक कर संवेदनशील बनाया जाए। आसपास के दुकानदारों को अभियान में शामिल किया जाएगा।
महिला थाना पुलिस इसके प्रति बेहद गंभीर है और इसके लिए नियमित रूप से कार्रवाई की जाती है। जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। छुट्टी के दौरान पुलिस गश्त करती है। यदि कहीं दिक्कत आ रही है तो संस्थानों का दौरा करूंगी। - शीलावंती, महिला थाना प्रभारी।