संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। घर खरीदने के लिए प्रोफेसर कॉलोनी निवासी तीन महिलाओं ने मिलीभगत करके बैंक से 66.68 लाख रुपये का कर्ज ले लिया। आरोपियों ने ऋण लेने के लिए बैंक में प्लाट के फर्जी दस्तावेज जमा कराए। किश्त जमा न कराने पर जब बैंक ने दस्तावेज जांचें तो इसका पता चला। अदालत के आदेश पर सेक्टर-17 थाना पुलिस ने तीनों महिलाओं पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधि अजय राणा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया गया कि बैंक की एक शाखा सेक्टर-17 में है। नवंबर 2020 में प्रोफेसर कालोनी निवासी सनम ओबेराय, भारती ओबेराय और नीलम ओबेराय ने तेजली में घर खरीदने के नाम प ऋण लेने के लिए संपर्क किया। आरोपियों ने ऋण लेने के लिए सभी शर्ताें और नियमों का पूरा करने का आश्वासन दिया।
आरोपियों ने ऋण समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। जिसके बाद बैंक ने उनका 66.68 लाख रुपये का ऋण मंजूर कर दिया गया। ऋण लेने के लिए आरोपियों ने बसंत नगर स्थित खाली प्लाट को गिरवी रखा। इसके दस्तावेज उन्होंने बैंक में जमा कराए।बाद में आरोपियों ने लिए ऋण की एक भी किश्त बैंक में जमा नहीं कराई।
बैंक अधिकारियों ने जांच की तो सामने आया कि आरोपी सनम ओबराय ने तीसरे पक्ष की संपत्ति माॅडल काॅलोनी ग्रीन पार्क के पास लालद्वारा रोड में दिखाकर घर खरीदने के लिए कर्ज लिया था और संपत्ति के दस्तावेज बसंत नगर स्थित खाली भूखंड के लिए प्रस्तुत किए गए थे। तीसरे पक्ष की संपत्ति के लिए कई बार निरीक्षण किया गया, लेकिन वहां उस संपत्ति की किसी ने पहचान नहीं की।
इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। कार्रवाई न होने पर अदालत में याचिका दायर की गई। अदालत के आदेश पर सेक्टर-17 थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज किया है। सेक्टर -17 थाना प्रभारी सुरेश का कहना है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।