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Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल की खिड़कियों पर अटकी एलएमओ की एनओसी

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मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल के 200 बेड के नए भवन का उद्घाटन ताे हो गया, लेकिन अब यह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के गले की फांस बन गया है। क्योंकि भवन के उद्घाटन से पहले पीडब्ल्यूडी ने फायर एनओसी नहीं ली। वहीं अस्पताल में मरीजों के बिस्तर तक ऑक्सीजन पहुंचानी है लेकिन सप्लाई के लिए लगाए गए एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) की एनओसी नहीं मिल रही। ऑक्सीजन टैंक के लिए एनओसी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय से मिलनी है। मंत्रालय की टीम का कहना है कि एनओसी लेनी है तो पहले अस्पताल की खिड़कियों को बंद कराया जाए। अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए दिक्कत यह है कि यदि खिड़कियां बंद कराते हैं तो उन्हें दमकल विभाग से अस्पताल के भवन की एनओसी नहीं मिलेगी। यदि खिड़कियां खुली रखते हैं तो ऑक्सीजन टैंक की एनओसी नहीं मिलेगी।
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मुख्यमंत्री से उद्घाटन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आनन फानन में पीडब्ल्यूडी विभाग से अस्पताल का नया भवन टेकओवर कर लिया। यहां तक की उद्घाटन से पहले पीडब्ल्यूडी ने दमकल विभाग से भी एनओसी नहीं ली। अभी तक अस्पताल में पानी के लिए पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। 11 मई को उद्घाटन होने के बाद भी अभी तक अस्पताल के नए भवन में मरीजों के बिस्तर पाइप से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो सकी है। ऑक्सीजन सप्लाई के लिए सिलिंडर लगाने पड़ रहे हैं। ऑक्सीजन सप्लाई के लिए जिला अस्पताल के ए व बी ब्लॉक के बीच टैंक लगाया गया है। जिसमें हजारों लीटर ऑक्सीजन भरी जा सकती है। ज्ञात हो कि 105 करोड़ रुपये से जिला अस्पताल का नया भवन बना है।

इस टैंक को शुरू करने से पहले स्वास्थ्य विभाग को पेट्रोलियम मंत्रालय से एनओसी लेनी होती है। इसके लिए मंत्रालय की टीम ने मौके का मुआयना किया था। टीम ने पाया कि टैंक की तरफ जाने वाले रास्ते पर गेट नहीं है। इस पर अस्पताल की पीएमओ ने रास्ते पर गेट लगवा दिया। दोबारा निरीक्षण किया गया तो कहा गया कि यह गेट छोटा है। अब इसे उखाड़ कर दोबारा बड़ा गेट लगाने की तैयारी हो रही है। ऑक्सीजन जल्द आग पकड़ लेती है। जहां पर टैंक लगाया गया है उसके तीनों तरफ अस्पताल के भवन की खिड़कियां खुलती है। टीम का तर्क है कि यदि खिड़की से किसी न जलती हुई बीड़ी या सिगरेट डाल दी तो ऑक्सीजन आग पकड़ सकती है। इसलिए पहले अस्पताल की खिड़कियों को बंद कराया जाए। वीरवार को एक बार फिर मंत्रालय की टीम ने एनओसी के लिए अस्पताल का निरीक्षण किया।
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पीडब्ल्यूडी के एसडीओ जसमेर सिंह ने बताया कि दमकल से फायर एनओसी जल्द मिल जाएगी। इसके लिए अगले सप्ताह दमकल की टीम अस्पताल का निरीक्षण करेगी। वीरवार को ऑक्सीजन टैंक का निरीक्षण करने टीम आई थी। जिन्हें बता दिया गया है कि अस्पताल की खिड़कियों को बंद नहीं कर सकते।

मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि भवन के उद्घाटन से पहले पीडब्ल्यूडी को एनओसी लेनी चाहिए थी। अभी तक दमकल की एनओसी नहीं मिल पाई है। यदि अस्पताल में आग लग जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। वहीं ऑक्सीजन सप्लाई के लिए भी एनओसी जरूरी है। वहां गेट भी अब बड़ा लगवाया जाएगा। इससे अस्पताल का खर्च काफी बढ़ गया है।
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