संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शराब प्रकरण मामले में गिरफ्तार आबकारी विभाग अंबाला के एईटीओ अनिल वर्मा, इंस्पेक्टर प्रदीप व एएसआई सतबीर तीन दिन के रिमांड पर है। पुलिस तीनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है। शनिवार को पुलिस ने तीनों अधिकारियों से कई जगहों की निशानदेही कराई।
हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी उनसे कोई रिकवरी नहीं हुई है। रिकवरी के प्रयास किए जा रहे हैं। अनुमान है कि आरोपियों से शराब सप्लाई को लेकर लिए गए रुपयों और फर्जी दस्तावेजों की बरामदगी की जाएगी। बताया जा रहा है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी बार कोड पर शराब की सप्लाई की जा रही थी। उधर, मामले में एनवी फैक्ट्री के अकाउंट जीएम उमेश शर्मा भी रिमांड पर है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है।
फैक्ट्री से शराब की सप्लाई यमुनानगर में ही नहीं, बल्कि कई अन्य जिलों में भी सप्लाई की जाती थी। वहां पर भी एक ही पास पर दो या कई बार शराब सप्लाई के फर्जीवाड़े किए गए। ऐसा कर फैक्ट्री अधिकारी, आबकारी विभाग के अधिकारी व फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोग एक्साइज फीस को चोरी कर सरकार को चूना लगा रहे थे। अब तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि सात लाख संदिग्ध बार कोड, लेपटॉप, मोबाइल व अन्य सामान बरामद किया जा चुका है।
बता दें कि सीआईए वन की टीम ने 21 जून की शाम को नेशनल हाईवे 344 पर पिरथी का माजरा के पास 1200 पेटियां शराब से भरा ट्रक पकड़ा था। शराब की पेटियां एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड अंबाला से रिंकू सिंह के एल-13 गोदाम स्काच स्टेशन वाइंस जगाधरी पर सप्लाई की जानी थी।
जब पेटियों के बार कोड को स्कैन किया गया तो पता लगा कि यह शराब की पेटियां एल-13 मैसर्स स्काच स्टेशन वाइंस जगाधरी में पहले से ही छह बजकर 11 मिनट पर स्टाक इन दिखा रही हैं, जबकि इस गाड़ी को शराब की पेटियों सहित पांच बजकर 25 मिनट पर पहले ही रोक कर चेक गया। क्यूआर कोड के अनुसार एक ही गाड़ी नंबर और शराब दोनों जगह होना संभव नहीं है। जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अक्षय व जितेंद्र ही नकली बार कोड तैयार करते। इसके साथ ही जितेंद्र फैक्ट्री में सीसीटीवी का कंट्रोल करता था। इससे फैक्ट्री से एक ही पास पर निकलने वाली गाड़ियां सीसीटीवी में नजर नहीं आती। इस केस में अब तक फैक्ट्री के तीन अधिकारी, आबकारी विभाग के तीन अधिकारी, दो शराब ठेकेदार सहित 11 आराेपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस को अब एनवी फैक्ट्री के चेयरमैन अशोक जैन व एमडी समीर गोयल की तलाश है।
रिमांड के दौरान आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है। रिमांड पूरा होने के बाद सभी खुलासे किए जाएंगे। मामले में अभी कई कड़ियां खुलनी बाकी है। - राजेश कुमार, डीएसपी यमुनानगर।