संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक पास परमिट पर दो बार शराब सप्लाई करने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के मामले में एसआइटी ने शराब ठेकेदार नारनौल के न्यू मंडी निवासी महेश गुप्ता को रिमांड पर लिया है। रविवार को पुलिस की टीम उसे लेकर नारनौल पहुंची। वहां उसके ठिकानों पर छापेमारी कर सुबूत जुटाए गए।
आरोपी के नारनौल व गुरुग्राम में भी शराब के ठेके रहे हैं। उसकी आबकारी विभाग व फैक्ट्री के अधिकारियों से मिलीभगत है। अब तक की पूछताछ में सामने आया कि महेश गुप्ता इस फर्जीवाड़ा की मुख्य कड़ी है। शराब फर्जीवाड़ा का प्रकरण सामने आने के बाद महेश गुप्ता दुबई भाग गया था। उसे एसआइटी ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है।
कलानौर पंचकूला नेशनल हाईवे पर पिरथी का माजरा के पास 21 जून की शाम को 1200 पेटियां शराब के ट्रक को सीआईए वन की टीम ने पकड़ा। यह शराब की पेटियां एनवी फैक्ट्री से रिंकू सिंह के एल-13 गोदाम स्कॉच स्टेशन वाइंस जगाधरी पर सप्लाई की जानी थी। जब पेटियों के बार कोड को स्कैन किया गया तो पता लगा कि यह शराब की पेटियां एल-13 मैसर्स स्काॅच स्टेशन वाइंस जगाधरी में पहले से ही छह बजकर 11 मिनट पर स्टाक इन दिखा रही हैं।
वहीं इस गाड़ी को शराब की पेटियों सहित पांच बजकर 25 मिनट पर पहले ही रोक कर चेक गया। क्यूआर कोड के अनुसार एक ही गाड़ी नंबर और शराब दोनों जगह होना संभव नहीं है। इस मामले में अब तक पुलिस ने ट्रक चालक हसनपुर निवासी रामअवतार, एल-13 गोदाम का मुंशी सुशील, शराब फैक्ट्री का सेल्स मैनेजर मनाेज महाजन, आईटी हेड जितेंद्र गुलाटी, एनआईसी पंचकूला का अनुबंधित कर्मी अक्षय, जीएम अकाउंट उमेश शर्मा, जीएम घनानंद चमौली, शराब ठेकेदार रिंकू, बृजपाल राणा, आबकारी विभाग के एईटीओ अनिल वर्मा, इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार व एएसआई सतपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।