संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शराब ठेकों की नीलामी नहीं होना अधिकारियों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। कई बार नीलामी कराने के बाद भी अभी तक सभी ठेके नहीं बिक सके हैं। कोई भी शराब ठेकेदार ठेकों की नीलामी में हाथ नहीं डाल रहा। आबकारी विभाग नीलामी के लिए 23 जून को एक बार फिर दांव लगाने जा रहा है। ठेकेदारों को मनाने के लिए अंदरूनी तौर पर प्रयास चल रहे हैं।
पहले तो केवल शराब के ठेकों पर गोलियां ही चलाई जा रही थी। इसके अलावा फोन करके ठेकेदारों से गैंगस्टर सरेआम रंगदारी मांग रहे थे। परंतु जिस तरह से एक सप्ताह में कुरुक्षेत्र के शाहबाद और जींद में शराब ठेकेदारों की गोलियां मारकर हत्या की गई है उससे शराब कारोबारियों में अब ज्यादा दहशत है।
कहीं से कोई हमला न हो जाए इसलिए शराब कारोबारी अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे। शराब कारोबारियों का करीबियों के यहां जाना छूट गया है। शराब ठेकों की नीलामी न होने से प्रदेश सरकार को सीधे तौर पर 400 करोड़ रुपये का नुकसान होता दिख रहा है। 55 जोन में से केवल 10 जोन ही बिक पाए हैं। यह ठेके भी चार जून को नीलाम हुए थे।
इसके बाद कई बार नीलामी करवाई गई, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। अब आबकारी विभाग के अधिकारी ठेकेदारों से बात कर रहे हैं। उन्हें सुरक्षा देने से लेकर ठेके चलाने के दौरान कोई परेशानी न होने देने का आश्वासन दिया जा रहा है। तीन से पांच प्रतिशत कम किए रिजर्व प्राइस
ठेकेदारों की ओर से ठेकों की नीलामी में हिस्सा नहीं लिए जाने का बड़ा कारण रिजर्व प्राइस की कीमतों में कमी नहीं किया जाना भी है। नई शराब पॉलिसी लागू होने तक 45 जोन की नीलामी नहीं हुई थी। इस पर कहा गया था जिन ठेकों का रिजर्व प्राइस पांच करोड़ रुपये तक है उनकी कीमत में पांच प्रतिशत और इससे पांच करोड़ से ज्यादा रिजर्व प्राइस वाले ठेकों में तीन प्रतिशत की कमी की जाएगी। अब आज जो नीलामी होगी उसमें रिजर्व प्राइस तीन से पांच प्रतिशत कम किया गया है। नीलामी में देरी से कोटा भी कम होता चला जाएगा।
45 जोन के 90 ठेकों पर लगी है सील
जिले में शराब ठेकों के कुल 55 जोन हैं। इनका रिजर्व प्राइस 485 करोड़ रुपये रखा गया था। चार जून को केवल 10 जोन की नीलामी हो सकी। इनका रिजर्व प्राइस 81.01 करोड़ रुपये था, लेकिन बोली 82.76 करोड़ रुपये लगी। शेष 45 जोन के लिए बार-बार नीलामी कराई जा रही है। 12 जून से प्रदेश में नई शराब पॉलिसी लागू हो चुकी है। 45 जोने के 90 ठेकों की नीलामी नहीं हो पाई है। इस पर आबकारी विभाग ने 12 जून को इन 90 ठेकों सील कर दिया था। 45 जोन के ठेकों का रिजर्व प्राइस 403.76 करोड़ रुपये रखा गया था। रिजर्व प्राइस में कटौती होने से करीब 11 करोड़ रुपये कम हो जाएंगे।
शराब कारोबारियों को सुरक्षा देने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। सभी ठेकों के आसपास सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। जगह-जगह नाके लगाए गए हैं, जो वाईफाई सीसीटीवी से लैस हैं। कैमरों की मदद से संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा को लेकर शराब ठेकेदारों से बात भी हो चुकी है। ठेकेदार बिना किसी डर के शराब ठेकों की नीलामी में हिस्सा लें। -सुरेंद्र सिंह भौरिया एसपी यमुनानगर।