तालमेल कमेटी के आह्वान पर मांगाें के लिए मंगलवार को विभिन्न विभागों के
कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए। कर्मचारी रोडवेज वर्कशॉप के सामने
पार्क में हड़ताल पर बैठने के साथ-साथ कार्यालयों के बाहर भी बैठे रहे।
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
कर्मचारियों का कहना था कि सरकार उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दे रही है।
इससे कर्मचारी खफा हैं और इसी के चलते ही उन्होंने हड़ताल का कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने अभी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो सरकार
को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।
सरकार ने की वादाखिलाफी
रोडवेज
वर्कशाप के सामने पार्क में हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते
हुए सर्वकर्मचारी संघ के प्रधान श्याम सिंह नरवाल ने कहा कि सरकार ने
कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी की है।
लंबे समय से कर्मचारी मंागों को लेकर
संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान
नहीं दिया जा रहा है। सचिव महीपाल चमरोड़ी ने कहा कि कर्मचारी पहले भी
प्रदर्शन और हड़ताल कर चुके हैं, लेकिन सरकार ने अपने रवैए में बदलाव नहीं
किया है। जिसका खामियाजा सरकार को चुनाव में भुगतना पड़ेगा। मौके पर जरनैल
सिंह सांगवान, श्यामलाल बालू, सुरेंद्र डोगरा, विनोद त्यागी, प्यारेलाल
तंवर, रजनीश कुमार, राजबीर पिंडोरा, सतीश राणा, परवेश परोचा, मीनाक्षी,
रणजीत सिंह, राजकुमार, सोबन सिंह, सोमनाथ, मांगेराम और रतन सिंह उपस्थित
रहे।
अनुबंध अध्यापक भी रहे हड़ताल पर
तीन दिवसीय हड़ताल में
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने भी भाग लिया। जिला प्रधान सुरेंद्र सैनी
ने कहा कि सरकार अधपकाें की मांगाें को लेकर गंभीर नहीं है। जिससे
अध्यापकाें में रोष है। सुरेंद्र दहिया ने कहा कि सरकार अध्यापकों को शोषण
कर रही है। अगर सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला तो यह हड़ताल अनिश्चित काल
में तबदील कर दी जाएगी। मौके पर प्रीतम सिंह, जगपाल सिंह, विरेंद्र कुमार,
संत कुमार, जसबीर चिक्कन, रविंद्र तेजली, शिव कुमार, राजेश कुमार, कपिल,
मुकेश कुमार, मनजीत कौर, कुलविंद्र, अर्चना गर्ग, पंकज रानी, विकास पंवार,
संदीप दड़वा, सुखदेव, संजय कुमार, विनोद, ऋषिपाल सैनी, राकेश धनखड़,
श्रीचंद और ओमप्रकाश उपस्थित रहे।
पीडब्लूडी कर्मचारियों ने की हड़ताल
ऑल
हरियाणा पीडब्लूडी मेकेनिकल कर्मचारी यूनियन, पब्लिक हेल्थ विभाग और सिचाई
विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। जिला प्रधान सुरेश कुमार और बलवान
सिंह नेहरा ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करती तो
उनकी ओर से अनिश्चित काल के लिए धरना दिया जाएगा। मौके पर सोमपाल, अमरजीत
सिंह, रामकुमार, मेवाराम, सतीश राणा, बिृजपाल, नरेंद्र कांबोज, रणबीर
पंजेटा, विरेंद्र कुमार, जयपाल सिंह, अशोक वर्मा, कशमीरी लाल, नरेश कुमार,
जय सिंह उपस्थित रहे। वहीं बिजली निगम के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे।
कर्मचारी माडल टाऊन स्थित कार्यालय में हड़ताल पर बैठे रहे। मौके पर जीत
सिंह, राम स्नेही, राजेद्र प्रसाद, विधीचंद, अनिल कुमार, राजेश कुमार,
अमृतलाल और कृष्ण कुमार उपस्थित रहे।
कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ ने भी लिया भाग
राज्यव्यापी
हड़ताल पर में कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ की ओर से भी भाग लिया गया। संघ
प्रधान संजीव ने कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का
किया जाए। मौके पर पवन कुमार, भारत भूषण, रविंद्र और अन्य सदस्य मौजूद थे।
दफ्तरों से निराश होकर लौटे लोग
यमुनानगर।
कर्मचारियों की मांगों को लेकर मंगलवार से शुरू हुई तीन दिवसीय हड़ताल
लोगों पर पहले दिन भी भारी रही। हड़ताल से सरकारी कार्यालय में कामकाज
प्रभावित हुआ। सबसे ज्यादा दिक्कत बिजली निगम में आई।
इसके साथ ही नगर
निगम, पीडब्लूडी, शिक्षक विभाग और अन्य कई विभागों में कर्मचारी हड़ताल पर
रहने से लोगों को परेशानी हुई। लोग छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालय में
भटकते रहे। लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल होने के चलते उन्हें कार्यालय में
कार्य करने वाला कोई नहीं मिला। इससे उन्हें निराश होकर वापस जाना पड़ा।
इसके साथ ही रोडवेज का चक्काजाम मंगलवार को खुल गया। इससे लोगों को राहत
मिली।
लेकिन रोडवेज की एक यूनियन दूसरे दिन भी हड़ताल पर बैठी रही, इससे
रोडवेज बसों पर कुछ असर नहीं दिखा। बिजली निगम के माडल टाउन कार्यालय में
पहुंचे सतबीर सिंह ने बताया कि उसे बिजली का कनेक्शन लेना था, इस लिए वह
कार्यालय में आया था। लेकिन यहां पर आकर देखा तो पता चला कि कर्मचारी सभी
हड़ताल पर गए हैं। इससे उसे ऐसे ही वापस जाना पड़ा, वहीं अध्यापकों के
हड़ताल में शामिल होने से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई।
हड़ताल से जन जीवन अस्त व्यस्त
साढौरा।
हड़ताल के पहले ही दिन आम जीवन अस्त व्यस्त हो गया। सोमवार रात्रि से ही
बिजली के गुल हो जाने से लोगों को पेयजल की दिक्कत का सामना करना पड़ा।
सबसे अधिक परेशानी स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों को उठानी पड़ी। सुबह बिजली
पानी न होने से विद्यार्थियों को ज्यादा असुविधा का सामना करना पड़ा।
बिजली न होने के कारण से बिजली के उपकरणों से कामकाज करने वाले दुकान खाली
बैठे नजर आए।
कर्मचारियों ने लगाए नारे
बिजली विभाग तथा पब्लिक
हेल्थ सहित कई विभागों के कर्मचारियों ने बिजली कार्यालय के गेट के सामने
सरकार की कर्मचारी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेता
नरेंद्र धीमान तथा यूनिट प्रधान चमन लाल सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार
कर्मचारियों की मांगों के बारे में टालमटोल की नीति अपना रही है।
उन्हाेंने
कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने समय रहते हुए उनकी मांगों की तरफ ध्यान न दिया
तो वे आर-पार की लड़ाई करने पर विवश होंगे। कर्मचारी नेता सुभाष चंद धीमान
और जंगपाल राणा ने बताया कि उनकी मांगों में समस्त विभागों में अनुबंधित,
डीसी रेट तथा तदर्थ आधार पर लगे समस्त कर्मचारियों को स्थायी करना, पंजाब
सरकार के समान वेतनमान देना व भत्तों में बढ़ोतरी करना, निजीकरण और ठेका
प्रथा को समाप्त करना, कर्मचारियों को केंद्र की तर्ज पर वेतन देना, छठे
वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों को दूर करना, बिजली कर्मचारियों को रिस्क
अलाउंस देना तथा कर्मचारियों को केस लेस सुविधा प्रदान करना सहित कई अन्य
मांगे हैं। इस मौके पर कर्मचारी नेता संजय शर्मा, धर्म सिंह गिल, जसमेर
सैनी, पवन शर्मा, चमन लाल, सुशील कुमार शर्मा और अनिल कुमार आदि ने भी
कर्मचारियों को संबोधित किया।
कर्मचारी नेता रहे सक्रिय
हड़ताल
के पहले दिन की सुबह से ही कर्मचारी नेता सक्रिय नजर आए। कर्मचारी नेता
विभिन्न विभागों के कार्यालयों का व्यापक दौरा कर काम पर आए कर्मचारियों को
हड़ताल में शामिल होने का आग्रह करते दिखाई दिए। कर्मचारी नेता जयपाल
धीगड़ा के नेतृत्व में अध्यापक नेता चमन लाल सैनी, विद्युत कर्मी नेता
सुरजीत सिंह सैनी और सतबीर सिंह ने कई विभागों के कार्यालयों में जाकर
कर्मचारियों को हड़ताल में शामिल होने को कहा। कर्मचारी नेता जयपाल धीगड़ा
और चमन लाल सैनी ने बताया कि इलाके में हड़ताल शत-प्रतिशत कामयाब रही है।