जगाधरी। रसौली और पथरी के इलाज के बहाने नाबालिग युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले करनाल निवासी तांत्रिक सतीश को स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दुष्कर्म का पता चलने पर भी उसकी सगी मां बेटी को बार-बार तांत्रिक के पास भेजती रही। कोर्ट ने पीड़िता की मां को भी पॉक्सो एक्ट में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने दोषी तांत्रिक पर 1.20 लाख और पीड़िता की मां पर एक लाख रुपये जुर्माना किया है। अगस्त 2020 को जठलाना थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 17 साल की किशोरी ने करनाल के एक गांव के तांत्रिक सतीश और अपनी मां के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। युवती ने बताया कि उसके पेट में रसौली और पथरी थी। उसकी मां इलाज के लिए उसे रादौर की एक धर्मशाला लेकर गई, जहां तांत्रिक सतीश ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। तांत्रिक ने धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसके पिता और भाई की मौत हो जाएगी।
पीड़िता ने घर आकर मां को सारी बात बताई, लेकिन उसकी मां ने कहा कि तांत्रिक जो कर रहा है, वो सही है और तुम ठीक हो जाओगी। इसके बाद पीड़िता की मां हर हफ्ते शनिवार और रविवार को तांत्रिक के पास ले जाती रही, जहां आरोपी पीड़िता के साथ उसकी मर्जी के बिना दुष्कर्म करता रहा। बाद में पीड़िता ने इस बारे अपने पिता को सारी बात बताई। पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर आरोपी तांत्रिक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने और पीड़िता की मां के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया था। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाने के बाद उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी दर्ज करवाए थे।
उधर, पीड़िता और उसका पिता कोर्ट में गवाही के दौरान बयान से मुकर गए पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष तांत्रिक और अपनी मां के खिलाफ बयान दर्ज करवाए थे। लेकिन केस की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपनी मां के खिलाफ गवाही नहीं दी। कोर्ट में पीड़िता का पिता भी अपनी पत्नी के खिलाफ दिए गए बयान से मुकर गया। लेकिन कोर्ट ने मजिस्ट्रेट बयान के आधार पर पीड़िता की मां को भी पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुना दी।