संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हथियार रखने के शौकीन लोगों के लिए अब नियम और सख्त हो गए हैं। जिले में लाइसेंसी हथियार से चलाई जाने वाली हर गोली का हिसाब देना अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं, गोली चलाने के बाद खाली कारतूस भी पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। पुलिसकर्मियों को भी 30 दिन के भीतर चलाई गई प्रत्येक गोली का पूरा रिकॉर्ड देना होगा।
जिलाधीश एवं उपायुक्त प्रीति ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेशों के मुताबिक जिले के सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों को अपने लाइसेंसी हथियार के प्रत्येक उपयोग की सूचना संबंधित थाना प्रभारी को 30 दिनों के भीतर देनी होगी। सूचना में गोली चलाने की तारीख, स्थान, उद्देश्य, इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद की संख्या और प्रकार सहित पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही इस्तेमाल किए गए खाली कारतूस भी पुलिस को दिखाने होंगे। यदि किसी कारण से खाली कारतूस उपलब्ध नहीं है तो लाइसेंस धारक को इसके पीछे का संतोषजनक कारण बताना होगा। डीसी का कहना है कि यह व्यवस्था हथियारों के उपयोग की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
प्रीति ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी थाना प्रभारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित हो सके। यह आदेश हरियाणा सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों की अनुपालना में लागू किए गए हैं।
इसके अलावा एसडीएम जगाधरी, व्यासपुर, रादौर और छछरौली को भी निर्देश दिए गए हैं कि शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के समय संबंधित थाना प्रभारी से रिपोर्ट प्राप्त की जाए। रिपोर्ट में यह देखा जाएगा कि लाइसेंस धारक ने हथियार के उपयोग की जानकारी समय पर दी या नहीं।
यदि कोई लाइसेंस धारक जानकारी देने में विफल रहता है या उसकी ओर से दी गई व्याख्या असंतोषजनक पाई जाती है तो इसे प्रतिकूल रूप से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण पर असर पड़ सकता है। प्रशासन के इस फैसले के बाद अब हथियार रखने वाले लोगों को हर कारतूस का रिकॉर्ड संभालकर रखना होगा।