जंगल से सटे गांव असगरपुर के खेतों में ग्रामीणों ने चार दिनों में दूसरी बार तेंदुआ दिखा। जिसके चलते ग्रामीण दहशत में है। तेंदुए की डर से ग्रामीण खेतों में काम करने के लिए जाने से परहेज करने लगे हैं। ग्रामीणों द्वारा इस बारे में वन्य प्राणी विभाग को सूचित किए जाने पर विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन वह तेंदुए को तलाश नहीं पाए।
सरपंच जसपाल सिंह ने बताया कि 19 मई की रात को बलविंद्र सिंह आबादी के समीप अपने खेतों में पानी दे रहा था। तभी उसे वहां एक तेंदुआ दिखाई दिया। तेंदुआ देखकर बलविंद्र सिंह भयभीत हो गया, जब तक वहां शोर मचाता तब तक तेंदुआ ओझल हो गया। इसके बाद 21 की सुबह सरपंच जसपाल सिंह के छोटे भाई विक्रांत को अपने मक्की के खेतों के पास तेंदुआ नजर आया। विक्रांत की सूचना पर बड़ी संख्या में वहां पहुंचे ग्रामीणों ने तेंदुए की तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। खेतों के पास तेंदुआ नजर आने के बाद से किसान अपने खेतों में जाने से कतराने लगे हैं।
वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक सुनील तंवर ने बताया कि आमतौर पर गर्मी के दिनों में तेंदुए पानी की तलाश में जंगल से निकल कर आबादी की तरफ पहुंच जाते हैं। इसलिए ग्रामीणों को अकेले खेतों की तरफ जाने से बचना चाहिए।