संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर (यमुनानगर)। खंड के भवानीपुर गांव में वीरवार दोपहर तेंदुआ दिखाई दिया। इससे गांव के लोगों में डर का माहौल है। सरपंच समेत ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
गांव के सरपंच संजीव कुमार, भरत सिंह, विकास, राजपाल ने बताया कि गांव के पास ही खेतों में बने भरत सिंह के डेरे के पास वीरवार की दोपहर करीब 12 बजे निखिल ने भवानीपुर से नगली की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर चेरी के खेत में एक तेंदुआ देखा। उसने सोचा की यह कोई अन्य जानवर हैं। वह अपना मोबाइल निकाल कर फोटो लेने लगा तो तेंदुआ गन्ने के खेत की तरफ दौड़ गया।
जब उसे समझ आया कि यह तो तेंदुआ है तो वह डर कर जोर-जोर से चिल्लाने लगा। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए। वह इतना डर गया की दो घंटे तक ठीक से कुछ बता भी नहीं पाया। सरपंच संजीव कुमार ने बताया दो दिन पहले भी रणधीर सिंह के गन्ने के खेत के पास तीन बच्चों के साथ तेंदुआ दिखाई दिया था। ऐसे में उन्हें लगता है कि यह मादा तेंदुआ हो सकती हैं।
उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों को फोन पर सूचना दी तो वह मौके पर नहीं आए। दोबारा फोन किया तो कर्मचारी कहने लगे कि जिस खेत से तेंदुआ निकला है उसके पैरों के निशान की फोटो भेजो। सरपंच ने कहा कि वे गांव के कई लोगों के साथ खेतों में गए पर कोई भी तेंदुए के पांव के निशान की फोटो लेने के लिए तैयार नहीं हुआ। उनके गांव के पास ही संधाय गांव का जंगल लगता है।
संधाय के जंगल में पहले भी कई बार तेंदुआ देखा गया। ग्रामीणों का कहना है की धान की फसल पक कर तैयार होने वाली है। किसानों को खेतों में पशुओं के लिए भी चारा लेने के लिए जाना पड़ता हैं। अब ग्रामीण डरे सहमे हुए हैं। सरपंच व ग्रामीणों की वन विभाग व जीव जंतु विभाग से मांग है कि जल्द ही उनके गांव का दौरा कर तेंदुए काे पकड़ कर ग्रामीणों को राहत दिलाई जाए।