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स्कूल प्रबंधकों को अंतिम नोटिस, पांच दिन में जमा कराना होगा ब्यौरा, नहीं तो कार्रवाई

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सरकार ने स्कूल खोलने के आदेश दे दिए हैं। वहीं स्कूल फीस को लेकर अभिभावकों का स्कूल संचालकों से गतिरोध बढ़ता जा रहा है। स्कूल संचालक अभिभावकों पर पूरी फीस जमा करवाने का दबाव बना रहे हैं, जबकि विभाग की ओर से ट्यूशन फीस लेने के आदेश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद स्कूल प्रबंधकों ने अपना लेखा-जोखा जमा नहीं करवाया है। इसलिए विभाग उन्हें पहले तीन बार नोटिस जारी कर चुका है। अब विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों को अंतिम नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में स्कूल संचालकों को पांच दिन में अपना लेखा-जोखा जमा करने के आदेश दिए हैं। इसमें ये चेतावनी भी दी गई है कि अगर नोटिस पर अमल नहीं किया गया तो विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि जिले में छोटे बड़े मिलाकर कुल करीब 160 निजी स्कूल हैं। जिसमें 50 जिले के प्रतिष्ठित और नामी स्कूल हैं। इन स्कूलों की ओर से अभिभावकों को पूरी फीस जमा करवाने का दबाव बनाया जा रहा था। स्कूल संचालकों की मनमानी के विरोध के लिए लोगों ने संयुक्त अभिभावक मंच बनाया और स्कूलों के बाहर प्रदर्शन किया। 5 मार्च को अभिभावक जुलूस की शक्ल में लघु सचिवालय पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी नमिता कौशिक मौके पर पहुंची और स्कूलों के नाम नोटिस जारी किया। जिसमें एक सप्ताह में स्कूलों को लेखा जोखा जमा करवाने के आदेश दिए गए। बावजूद इसके स्कूलों ने ब्योरा जमा नहीं करवाया। इसके बाद 18 मार्च को विभाग ने दूसरा नोटिस जारी किया। इसका भी स्कूल प्रबंधकों पर कोई असर नहीं हुआ। फिर जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से 30 मार्च को तीसरा नोटिस जारी किया। परंतु अभी तक स्कूलों ने आदेशों का पालन नहीं किया है। ऐसे में विभाग ने नौ जुलाई को चौथा और अंतिम नोटिस भेजा है।
फार्म 6 और बैलेंस शीट करवानी है जमा
विभाग की ओर से सभी स्कूल प्रबंधकों को फार्म 6 और बैलेंस शीट जमा करवाने के आदेश दिए गए हैं। विभाग को गुमराह करने के लिए प्रबंधकों की ओर से विभिन्न हथकंडे भी अपनाए गए। तीन महीने में कुछ स्कूल प्रबंधकों ने फार्म 6 जमा करवाया तो कुछ ने बैलेंस शीट जमा करवाई। केवल दो फीसदी स्कूलों ने ही अपना ब्यौरा दिया है। दोबारा नोटिस पर स्कूल की ओर से वही जानकारी दोबारा भेज दी गई। इस तरह प्रबंधक विभाग को लार लपेट में लगाए हुए हैं।
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कार्रवाई के लिए निदेशकों भेजेंगे नाम
इस अंतिम नोटिस के बाद जिन स्कूलों की ओर से फार्म 6 और बैलेंस शीट दोनों नहीं जमा करवाई जाएगी, उनके नाम कार्रवाई के लिए निदेशक को भेजे जाएंगे। वहीं जिन स्कूलों ने फार्म 6 नहीं भरा है वे फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। उन्हें 2019 में ली गई फीस के मुताबिक ही फीस लेनी होगी। यह फीस भी तभी ली जाएगी, जब स्कूल पूरी तरह खुल जाएंगे। इससे पहले केवल ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे। इसके अतिरिक्त स्कूल किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं ले सकते हैं।
वर्जन
विभाग की ओर से सभी स्कूल प्रबंधकों नोटिस जारी किया गया है। तीन बार नोटिस देने के बाद शुक्रवार को अंतिम नोटिस दिया गया है। पांच दिन में जिन स्कूलों ने ब्योरा जमा नहीं करवाया, उनके नाम कार्रवाई के लिए निदेशक को भेज दिए जाएंगे।
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शिव कुमार धीमान, उप जिला शिक्षा अधिकारी।
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