बारिश का कहर शनिवार को दिनभर जारी रहा। रुक रुक हुई बारिश ने सावन की
झड़ी की याद दिला दी। बादल गरजते रहे और शहर से लेकर गांव तक बारिश कहर
बनकर बरसी।
शहर में कई जगह पर तो जलभराव की स्थिति भी पैदा हो गई। सड़कों
के किनारे जलभराव और कीचड़ में तब्दील हो गए। दो दिन से हो रही बारिश ने
किसानों के खिले चेहरों को पलभर में मुरझा दिया। बारिश के बजाय फसल को
हल्की ठंड की जरूरत है।
लेकिन अधिक ठंड और बिगड़े मौसम ने किसानों की मेहनत
पर पानी फेर दिया। बारिश के साथ आई तेज हवाओं ने खेत में लहला रही गेहूं
की फसल को चादर की तरह बिछा कर रख दिया, वहीं फाल्गुन माह में गन्ना बुआई
के लिए तैयार किए गए खेतों में भी पानी भर गया।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है
कि लगातार हो रही बारिश से गेहूं में येलो रस्ट बीमारी का प्रकोप बढ़ सकता
है। इससे फसल के उत्पादन में कमी आ सकती है। इसके अलावा सरसों की फसल को
भी इस बारिश से नुकसान पहुंचा है। जिला उद्यान अधिकारी ईलमचंद सैनी का कहना
है कि बागवानी फसलों की पनीरी में पानी जमा न होने दें।
निचले इलाकों में हुआ जलभराव
बारिश
से शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या का सामना भी लोगों को करना
पड़ा। शहर की प्रोफेसर कॉलोनी, मॉडल टाउन, गुलाब नगर, पुराना हमीदा, तीर्थ
नगर, वीना नगर कैंप और अन्य कई कॉलोनियों में बारिश के कारण जलभराव की
समस्या बनी रही, वहीं टूटी सड़कों और सड़क किनारे पानी भरने से वाहन चालकों
को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, बारिश के कारण कई क्षेत्रों में
बिजली भी गुल रही। ग्रामीण क्षेत्र के तो कई फीडर सुबह से ही ब्रेक डाउन
रहे, वहीं शहर में वीना नगर कैंप के ज्यादातर हिस्से में सुबह से शाम तक
बिजली गुल रही है।
चंडीगढ़ मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार
रविवार को भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इससे हल्की बारिश होने की
संभावना है, वहीं सोमवार को मौसम साफ होने की संभावना है। लेकिन तापमान में
बढ़ोतरी नहीं होगी। बुधवार को मौसम में गर्माहट का अहसास होगा।
रादौर में सब्जी उत्पादक मायूस
रादौर।
रादौर क्षेत्र में शनिवार को भारी बारिश के साथ ओले पड़ने से फसलों को
भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा कस्बा रादौर में बारिश के कारण सड़कों भारी
पानी भरा होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बारिश के कारण
सब्जी उत्पादक किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। गांव बापौली निवासी मेहर
सिंह हुड्डा और कर्मजीत सांगवान ने बताया कि बारिश से उनकी टमाटर व शिमला
मिर्च की पनीरी खराब हो गई है।
किसान नेता संजु गुंदयाना ने बताया कि ओलों
के कारण गेहूं, सरसों व आलू की फसल पर असर पड़ा है। फसल की बर्बादी को देख
कर किसान चिंतित हैं। गेहूं की फसल के साथ गोभी, टमाटर, मटर, मूली,
सूरजमुखी, खीरा और पालक की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। बेमौसमी बारिश के
चलते टमाटर की पौध भी खराब हो गई है। खाली हुए गन्ने वाले खेतों में जिन
किसानों ने सूरजमुखी फसल की बिजाई करनी थी।
बारिश के कारण किसान समय पर
सूरजमुखी फसल की बिजाई नहीं कर पाएंगे। इससे उत्पादन प्रभावित होगा। गांव
दोहली के किसान धर्मबीर ने बताया कि अचानक बारिश के साथ तेज हवा चलने से
उनकी गेहूं की फसल गिर गई है। गेहूं की फसल गिरने से 25 से 30 प्रतिशत
नुकसान है। गेहूं का उत्पादन भी कम होगा। गांव रपड़ी के किसान अजमेर सिंह,
लक्ष्मण सिंह, किसान सतीश कुमार ने बताया कि उन्होंने गेहूं की फसल की
अगेती बिजाई की थी। लेकिन बेमौसमी बारिश से फसल गिर गई है, वहीं टमाटर की
पौध व गोभी की फसल भी प्रभावित हुई है।
कृषि विज्ञान केंद्र दामला के कृषि
विशेषज्ञ डॉ. आरएस ताया ने बताया कि बारिश के साथ हवा और तूफान से गेहूं की
फसल को 20 से 25 प्रतिशत नुकसान है, वहीं बारिश से मसरी व चने की फसल भी
प्रभावित हुई है। जिन किसानों ने बेल वाली सब्जियां लगानी थी। बारिश से लेट
हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि बारिश से पीला रतुआ नहीं जाता। केवल गेहूं की
फसल के पत्तों पर लगा पाउडर घुलता है।
फसलों पर पड़ रहा बुरा असर
साढौरा।
शनिवार को इलाके में जमकर बारिश हुई। इस दौरान मामूली ओलावृष्टि भी हुई।
बेमौसमी बारिश ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। इससे जहां इसका मौसम की
सब्जियों और फसल पर बुरा असर पड़ रहा है, वहीं मौसम में भी ठंडक एक बार फिर
से लौट आई है। किसान राज कुमार राणा और राजेश सैनी ने बताया कि इस बेमौसमी
बारिश से से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। सब्जी उत्पादक
किसान देवी दयाल और अमित राणा ने बताया कि इस बारिश से मौसम की सब्जियों को
काफी नुकसान पहुंच रहा है।