पाकिस्तान स्थित कटासराज की छह दिवसीय धार्मिक यात्रा के बाद 111 हिंदू
श्रद्धालुओं का जत्था मंगलवार देर रात वाघा बॉर्डर के रास्ते स्वदेश लौट
आया।
जत्थे के प्रमुख और केंद्रीय सनातन धर्म सभा उत्तरी भारत के प्रधान
शिव प्रताप बजाज के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने लाहौर और कटासराज (जिला
चकवाल) की यात्रा की। जत्थे में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, पश्चिमी बंगाल,
हिमाचल, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के
हिंदू श्रद्धालुओं ने कटासराज यात्रा में भाग लिया।
सभी हिंदू तीर्थ
यात्रियों को कड़ी सुरक्षा के बीच लाहौर और कटासराज में ठहराया गया था।
हिंदू तीर्थ यात्रियों के रहने, खाने व यात्रा के सभी बंदोबस्त पाकिस्तान
वक्फ बोर्ड द्वारा किए गए। उन्होंने बताया कि यात्रा के पहले दिन 19
दिसंबर को वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान वक्फ बोर्ड की ओर से हिंदू
तीर्थयात्रियों का वक्फ बोर्ड के सह सचिव अजहर सुलैहरी और अन्य स्टाफ
सदस्यों ने फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया।
इसके बाद सभी तीर्थ यात्रियों
को कड़ी सुरक्षा के बीच तीन बसों से लाहौर स्थित डेरा साहिब गुरुद्वारा ले
जाया गया। इसके बाद 20 दिसंबर को सभी तीर्थ यात्री सुरक्षा बलों के साथ
लाहौर से 275 किलोमीटर दूर कटासराज के लिए रवाना हुए। 21 दिसंबर को
श्रद्धालुओं ने कटासराज के श्री अमरकुंड में डुबकी लगाकर श्रीगणेश चतुर्थी
मनाई। श्रद्धालुओं ने श्री अमरकुंड के पास स्थित शिवमंदिर में पूजा-अर्चना
की।
श्रद्धालुओं ने यहां लगभग डेढ़ घंटा हवन यज्ञ कर विश्वशांति व भाईचारे
की कामना की। दो दिन कटासराज में ठहरने के बाद 22 दिसंबर को श्रद्धालु
लाहौर लौट आए।
लाहौर में इसी दौरान टर्की के प्रधानमंत्री का दौरा होने के
कारण हिंदू श्रद्धालुओं को सुरक्षा की दृष्टि से डेरा साहिब गुरुद्वारा की
जगह लाहौर रेलवे स्टेशन के पास स्थित सिख सिखनी गुरुद्वारा में ठहराया गया।
23 दिसंबर को पंजाब यूनिवर्सिटी लाहौर के ऑडिटोरियम में हिंदू श्रद्धालुओं
के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जहां यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर व
सर गंगाराम ट्रस्ट की ओर से आयोजित समारोह में इंडो-पाक में बदलते
राजनीतिक समीकरणों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गई। इस दौरान
भारत-पाकिस्तान के लोगों ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत किए जाने पर
बल दिया।
श्रद्धालुओं के लिए तैनात किए तीन सौ कमांडो
कटासराज
यात्रा के लिए पाकिस्तान गये 111 हिंदू श्रद्धालुआें के लिए लगभग 300 पुलिस
के कमांडो तैनात किए गए थे। यात्रा प्रमुख शिवप्रताप बजाज ने बताया कि
हिंदू तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान सरकार ने कड़े सुरक्षा
प्रबंध किए थे। जहां-जहां हिंदू यात्री गए, वहां-वहां सरकार की ओर से
कमांडो फोर्स यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात की गई थी। कमांडो फोर्स ने
रात-दिन यात्रियों की सुरक्षा की। यात्रियों की सुरक्षा के लिए कमांडो
फोर्स ने तीन घेरे बनाए थे। किसी भी पाकिस्तानी को हिंदू यात्रियों के
आसपास नहीं फटकने दिया गया। हिंदू तीर्थयात्रियों की बसों के आगे-पीछे
कमांडो फोर्स की गाड़ियां चलती रही। इस सड़क से हिंदू तीर्थ यात्रियों का
जत्था गुजरा, उस रास्ते पर ट्रैफिक को रोककर यात्रियों के जत्थे को पहले
रवाना होेने दिया गया।
पाकिस्तान सरकार ने कटासराज धाम पर खर्च किए करोड़ों
पाकिस्तान
स्थित हिंदुओं के प्राचीन व ऐतिहासिक तीर्थ श्री कटासराज के नवीनीकरण पर
पाकिस्तान सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। यात्रा प्रमुख शिवप्रताप
बजाज ने बताया कि पाकिस्तान सरकार द्वारा उनकी मांग पर श्री कटासराज धाम का
नवीनीकरण किया जा रहा है। कटासराज स्थित अमरकुंड का नवीनीकरण किया गया है।
श्री अमरकुंड कोे चारों ओर पक्का किया गया है। श्रद्धालुओं के नहाने के
लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। पहले श्री अमरकुंड के चाराें ओर कच्चा होने
के कारण यात्रियों को स्नान करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता था।
श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्णा मंदिर में किया सत्संग
कटासराज
यात्रा के दौरान हिंदू श्रद्धालुओं का जत्था रावी रोड पर स्थित श्रीकृष्णा
मंदिर भी गया। मंदिर में हिंदू श्रद्धालुओं ने सत्संग किया और भेंटें
गाईं। जिस समय हिंदू श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्णा मंदिर में सत्संग किया तो
उस समय पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया था।