यमुनानगर। लोगों को रेलवे एक्ट व कानून के प्रति जागरूक करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल ने संज्ञान मोबाइल एप लॉन्च किया है। यह एप आरपीएफ की तकनीकी टीम ने बनाया है। इस एप की सरल भाषा व उपयोग में आसानी इसे अन्य से खास बनाती है। यह एप रेलवे सुरक्षा बल महानिदेशक (आरपीएफ चीफ) मनोज यादव ने लॉन्च किया है।
इस एप में रेलवे एक्ट के अलावा तीनों भारतीय अपराधिक अधिनियमों की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध है। इससे लोगों के साथ सुरक्षा कर्मियों को भी आसानी होगी। अभी जागरूकता के अभाव में अक्सर रेलवे परिसर व स्टेशन पर कानून टूटते हैं। ऐसे में लोगों को इसकी जानकारी देने के लिए रेलवे सुरक्षा बल ने यह एप लॉन्च किया है।
इससे लोगों को रेलवे स्टेशन व परिसर में क्या करने व न करने की पूरी जानकारी आसानी से मिल जाएगी। इस एप में ट्रेन सफर के दौरान खिड़की पर बैठना, खुले में शौच, रेल लाइन पार करना, बंद फाटक पार करना, ट्रेन की चेन खींचना इत्यादि की जानकारी मिलेगी।
आरपीएफ के संज्ञान एप में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, रेलवे सुरक्षा बल एक्ट, रेलवे एक्ट, रेलवे सुरक्षा बल नियम व रेलवे संपत्ति अधिनियम सभी धाराओं की जानकारी मिलेगी। एप में यह सभी अधिनियम व इससे संबंधी जानकारी सरल व सामान्य भाषा में उपलब्ध करवाई गई है। इससे लोग एप के जरिए सभी धाराओं, उस में सजा व जुर्माना का प्रावधान, साक्ष्य व संपत्ति इत्यादि की जानकारी आसानी से मिल जाएगी।
इसके सर्च का ऑप्शन सिलेक्ट करके किसी भी धारा व उसके प्रावधानों के बारे आसानी से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा जिस धारा में किसी प्रकार का परिवर्तन किया गया है, उसे समझाने का अलग से इसमें प्रावधान है। परिवर्तित धारा व प्रावधान को नीले रंग से दिखाया गया है। वहीं जोड़ी नई धारा व प्रावधान को हरे रंग से दिखाया गया है।
वहीं जिस धारा में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है, उसे काले रंग से अंकित किया गया है। इससे लोगों को इसे समझने में आसानी होगी। यही इतना नहीं एप में नए व पुराने कानून की धाराओं व प्रावधानों का तुलनात्मक विवरण भी सरल रूप से दिया गया है। संवाद
लोगों को कानून के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संज्ञान एप लॉन्च किया गया है। इसमें नए न्याय अधिनियम, रेलवे एक्ट, तीनों भारतीय आपराधिक कानून संहिता के बारे पूरी जानकारी मिलेगी। इस एप से लोग अपने अधिकारों व कानून के प्रति जागरूक होंगे। इससे अपराध में कमी लाने में सहायता मिलेगी। - नीतिश शर्मा, मंडल सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ।