संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। वन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित खैर की लकड़ी से भरी एक पिकअप गाड़ी को जब्त किया है। वहीं खैर की तस्करी करने के आरोपी भाग गए। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
कोट वन दरोगा बृजमोहन, वन दरोगा मिंटू और वन रक्षक संदीप की टीम को अवैध लकड़ी तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना के बाद टीम ने क्षेत्र में नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।
इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से फरार होने की कोशिश की। वन विभाग की टीम ने करीब 20 किलोमीटर तक वाहन का पीछा किया। पीछा करते हुए टीम ने नगला जगीरा गांव के पास खेतों में घेराबंदी कर पिकअप को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि पीछा करने के दौरान एक स्विफ्ट कार भी संदिग्ध परिस्थितियों में पिकअप की रेकी करती हुई देखी गई, जिसकी जांच की जा रही है। पकड़े गए वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से खैर की लकड़ी 99 टुकड़े मिली। वन विभाग के अनुसार बरामद लकड़ी की बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
जब्त पिकअप और लकड़ी को वन कार्यालय छछरौली में सीज कर दिया गया है। इस मामले में भूरा, नूर मोहम्मद और इकरान निवासी जाटावाला के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया है।
वन रेंज अधिकारी बलजीत सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध कटान और लकड़ी तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।