छछरौली। यमुनानगर में खैर की तस्करी में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले काफी समय से तस्कर लगातार वारदात को अंजाम दे रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि वन अधिकारी भी तस्करी को रोकने में पूरी तरह से नाकाम हैं।
यमुनानगर वन विभाग में पूरे जिले की चार रेंज में बांटा गया है। जिसमें जगाधरी, छछरौली, कलेसर व सढौरा शामिल है। पिछले 6 महीने में चारों सभी रेंज के अंतर्गत आने वाली बीटों से कहीं ना कहीं जंगलों से कीमती खैर के पेड़ों के अवैध कटान के मामले सामने आ चुके हैं। कई मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यही नहीं जंगलों से चोरी हुई लकड़ी को भी बरामद कर लिया है। लेकिन, तस्करों पर कोई अंकुश नहीं है।
तमाम दावों के बावजूद भी खैर तस्कर जंगल में घुसकर पेड़ काट ले जाते हैं। तस्करों के साथ मुठभेड़ में कई बार वनरक्षक दरोगा व कर्मचारी घायल भी हो चुके हैं और उनके वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया गया है। खैर चोरी के मामलों में वन विभाग के कर्मचारी पुलिस विभाग का वन विभाग को सहयोग न करने की बात कहते हैं।