संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। करनाल के नौरता गांव में दूल्हे के पिता के मर्डर की गुत्थी तीन दिन बाद आखिर पुलिस ने सुलझा ही ली। बुधवार शाम करनाल पुलिस ने कलेसर जंगल रामलाल का शव बरामद कर लिया गया। आरोपी तीन दिन से निशानदेही को लेकर पुलिस को गुमराह कर रहे थे।
मृतक रामलाल के घर बेटे की शादी का माहौल था। उसी सुबह वे अचानक घर से गायब हो गए। परिवार ने पूरे गांव और आस-पास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शाम तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों ने इंद्री थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। शादी का कार्यक्रम तय था, इसलिए परिवार ने अगले दिन बारात भी निकाल दी। पुलिस ने गुमशुदगी के बाद गांव के एक सीसीटीवी को खंगाला। फुटेज में रामलाल गांव के युवक आबिद की बाइक पर पीछे बैठे दिखे। इसके बाद पुलिस ने आबिद को पकड़ कर पूछताछ शुरू की। यही पहली बार साफ हुआ कि रामलाल अपने घर से खुद नहीं, बल्कि किसी के साथ बाहर गए थे।
ग्रामीण विक्रम कुमार ने बताया कि, 28 नवंबर को रामलाल ओरियंटल बैंक से पैसे निकलवाने के लिए गया था। आरोपी को रामलाल बैंक के पास ही टकरा गया था। उसको पता चल गया था कि यह आज पैसे निकलवा रहा है। अगले दिन यानी 29 नवंबर को रामलाल के घर पर ही पहुंच गया और उनसे मीठी-मीठी बातें करने लगा और बोला कि मैं तुम्हें सामान दिलवाने के लिए ले जाता हूं। इस दौरान रामलाल ने करीब एक लाख रुपये निकाले थे, इनमें से 20 हजार रुपये उसने घर पर दिए थे और बाकी 80 हजार रुपये के उसके पास थे।
पूछताछ में आबिद ने कबूल किया कि उसने अपने साथी वाजिद के साथ मिलकर रामलाल को शराब दिलाने के बहाने कलेसर ले जाकर गमछे से गला घोंटकर मार दिया और शव जंगल की ओर फेंक दिया। लेकिन आरोपी लगातार बयान बदलता रहा, जिससे घटनास्थल की पहचान करना और मुश्किल हो गया।