जगाधरी। केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल के आम बजट में इस बार प्रदेशवासियों को भारी निराशा हुई है। इस बार उम्मीद थी कि तीन साल से लंबित करनाल यमुनानगर रेल लाइन परियोजना सिरे चढ़ सकती है। केंद्र व राज्य सरकार को यह परियोजना चार साल में पूरी करने की घोषणा की थी। परंतु बजट में रेल परियोजना का कोई प्रावधान नहीं किया गया।
साल 2021 में केंद्र व प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी। वहीं इस दौरान 2021 के बजट में केंद्र ने इसके कुछ राशि टोकन के रूप में रेलवे को जारी की थी। इच्छाशक्ति की कमी के चलते यह ठंडे बस्ते में रही। इसके बाद पिछले साल तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह योजना बस्ते से निकाली और प्रदेश के बजट में केंद्र सरकार व रेलवे के सहयोग परियोजना जल्द पूरी करने की बात कही थी। इस साल भी बजट में इस परियोजना को लेकर कोई प्रावधान नहीं किया।
यमुनानगर से दक्षिण व पश्चिमी हरियाणा के लिए केवल सड़क ही एक मात्र रास्ता है। ट्रेन से जाने के लिए लोगों अंबाला, कुरुक्षेत्र जाना पड़ता है। परियोजना के समय केंद्र व प्रदेश सरकार ने यमुनानगर से करनाल तक रेल लाइन बिछाने के लिए चार साल का समय निर्धारित किया था। परियोजना पूरी होना तो दूर, लेकिन चार साल में रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन तक नहीं तैयार हो पाई। यह रेल लाइन यमुनानगर से वाया रादौर, लाडवा, इंद्री से करनाल तक निकालने की योजना है।
पूर्व निर्धारित प्लान के अनुसार हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम ने 883.78 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की डीपीआर दी थी। इस रेल मार्ग से प्रतिदिन करीब दस हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश के सोनीपत, पानीपत, बहादुरगढ़ व जिलों के उद्योगों को देश के पूर्वी हिस्से तक सामान पहुंचाना आसान होगा। रादौर, लाडवा व इंद्री के सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों से कृषि उपज, प्लाईवुड, लकड़ी, औद्योगिक उत्पादों, धातु उद्योग, उर्वरकों इत्यादि के लिए बाजार तक पहुंचना सुगम हो जाएगा। इसके अलावा यह परियोजना हरियाणा के दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्र को सीधे हरिद्वार से जोड़ेगी। संवाद
जगाधरी वर्कशॉप से निकलनी है लाइन
प्रस्तावित नई रेल लाइन अंबाला सहारनपुर रूट स्थित यमुनानगर के जगाधरी वर्कशॉप रेलवे स्टेशन से शुरू होगी। जो दिल्ली अंबाला रेलवे लाइन पर करनाल रेलवे स्टेशन से जुड़ेगी। यह नई लाइन पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर के लिए एक फीडर मार्ग के रूप में भी काम करेगी। वहीं उत्तर प्रदेश सीमा पर जिले के कलानौर स्टेशन पर रेलवे के साथ इंटरचेंज प्वाइंट भी प्रस्तावित किया था। इस रेल मार्ग से यमुनानगर के रादौर, कुरुक्षेत्र के लाडवा, करनाल के इंद्री के लोगों को सीधी सुविधा मिलेगी।
इस रेल मार्ग पर पांच नए स्टेशन प्रस्तावित
यमुनानगर-करनाल रेल मार्ग करीब 64.6 किलोमीटर लंबा होगा। यह अंबाला सहारनपुर रूट पर यमुनानगर के जगाधरी वर्कशॉप स्टेशन से इसकी शुरुआत होगी। जो अंबाला दिल्ली लाइन करनाल व भैणी खुर्द रेलवे स्टेशन पर दोनों लाइन को जोड़गी। परियोजना के अनुसार इस रेल मार्ग पर पांच स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। यमुनानगर के दामला व रादौर में स्टेशन बनाया जाएगा। वहीं एक स्टेशन कुरुक्षेत्र के लाडवा में बनाया प्रस्तावित है। करनाल में इंद्री व रंभा रेलवे स्टेशन बनाना प्रस्तावित हैं। इस रेल लाइन के लिए 116 पुल बनाकर नहर, नाले, सड़कों को क्रॉस किया जाना प्रस्तावित है। प्रदेश सरकार रेलवे कुल 574.98 एकड़ भूमि अधिग्रहण करके देगी।