मेले के तीसरे दिन रविवार को पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल के साथ देशभर से अभी तक दो लाख तीर्थयात्री मेले में पहुंच चुके हैं। वहीं देर रात तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। सोमवार रात बारह बजे से कार्तिक पूर्णिमा का स्नान शुरू होगा। गुरुद्वारा के मैनेजर नरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके रिकार्ड के अनुसार पिछले वर्ष से मुकाबले अधिक संख्या में श्रद्धालु मेले में पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों में चार से पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
वाहनों की इंट्री बंद
प्रशासन की तरफ से कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस व प्रशासन के द्वारा बिलासपुर में चौराही मोड के समीप बड़े वाहनों को मेला क्षेत्र में प्रवेश के लिए रोक दिया गया। बस ट्रक, व अन्य भारी वाहनों को चौराही मार्ग की ओर मेला में प्रवेश होने की अनुमति मिली। इससे बिलासपुर छोटा बस स्टैंड से मेला क्षेत्र तक जाम की स्थिति बन गई। दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी लाइनें लग गई।
श्राइन बोर्ड ने शुरू की चढ़ावे की गिनती
श्राइन बोर्ड के अंतर्गत आने वाले मंदिरों व सरोवरों में रखे दान पात्रों के चढा़ने की गिनती बोर्ड के द्वारा नियुक्त अधिकारियों व कर्मचारियों ने करनी शुरू कर दी है। जिसके लिए आदि ब्रदी नारायण मंदिर परिसर व श्राइन बोर्ड कार्यालय में स्थान निर्धारित किया गया है। दान की राशि को गिनने के बाद बैंक में जमा करवाया जा रहा है। इसके लिए अलग से कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है।
स्नान के बाद लौटने लगे हैं तीर्थयात्री
वहीं कुछ श्रद्धालु ऐसे भी हैं जो कि मेले में स्नान करने के साथ ही वापस लौट गए । लुधियाना से आए रमेश कुमार, हरभजन सिंह का कहना था कि यहां से दर्शन करने के पश्चात वह हरिद्वार में गंगा में स्नान कर अपने घर लौटेंगे।
पीढ़ी चलाती है आगे की पीढ़ी
मेले में आने वाले श्रद्धालु परिवार को आगे बढ़ाने के लिए पीढ़ी की खरीद भी करते है। श्रद्धालु आदर्श ने बताया कि मेले से पीढ़ी से खरीदने से वंश आगे बढ़ता है। इसलिए अधिकतर श्रद्धालु पीढ़ी को अपने साथ लेकर जाते है।
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प्रदर्शनी नही दिखा पाई अपना आकर्षण
कपमामोचन मेले में जिले के विभिन्न विभागों के द्वारा प्रदर्शनी में लगाए एक 21 स्टाल श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करने में विफल साबित हुए । तीसरे दिन प्रदर्शनी वाहन खडा करने की पार्किंग स्थल में तबदील हो गए। अधिकतर स्टाल दिन के समय भी खाली रहे। उद्यान विभाग, वीटा मिल्ट स्टाल, पंजाब नेशनल बैंक स्टाल को छोड़कर सभी स्टालों पर सन्ननाटा छाया रहा। मेला प्रशासक की ओर से प्रदर्शनी में भीड़ जुटाने के लिए पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। लेकिन उसके बाद एक भी सांस्कृतिक कार्यक्रम व लघुनाटिका प्रस्तुत नही की गई लेकिन कुछ साल पहले मेला शुरू होने बाद पांचों दिन तक नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते थे।