संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर बुधवार को श्रद्धालुओं ने महागौरी और कंजक पूजन कर व्रत पूर्ण किया। मंदिरों में तड़के ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की आराधना की। इसके बाद अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित करके कंजकों को आमंत्रित किया। श्रद्धालुओें ने कन्याओं चरण पखारे और तिलक करने के बाद भोजन कराकर आशीर्वाद लिया।
कंजक पूजन के लिए श्रद्धालुओं में सुबह से ही होड़ रही। सुबह छह बजे से ही लोग घरों में पहुंचकर कन्याओं को भोज के लिए आमंत्रित करते दिखाई दिए। वहीं अधिकांश क्षेत्रों में कन्याएं न मिलने से लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि 11 वर्ष से कम आयु की कन्याओं का पूजन किया जाता है। ऐसे में कन्याएं न मिलने से लोगों को परेशानी भी हुई।
बुड़िया निवासी नीलम ने बताया कि उन्हें कंजक पूजन के लिए कन्याएं दूसरे मोहल्लों से आमंत्रित करनी पड़ी। पंडित ललित ने बताया कि मान्यता है कि जो साधक नवरात्र का व्रत कर अष्टमी के दिन कन्याओं की पूजा कर उन्हें भोजन करवाते हैं, उन्हें मां भगवती अपना आशीर्वाद देती है। लोगों ने पूरे विधिविधान पूर्वक 7, 9, 11 कन्याओं को अपने घरों में भोजन करवाया।
आज किया जाएगा कंजक पूजन
पंडित उदयवीर शास्त्री ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अष्टमी और नवमी दोनों दिन कंजक पूजन का विधान है। आठ दिन का व्रत धारण करने वाले अष्टमी और नौ दिन का व्रत धारण करने वाले नवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार रात आठ बजकर नौ मिनट से नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। यह 14 अक्तूबर रात शाम छह बजकर 54 मिनट तक रहेगी। नवमी के दिन पूजन का शुभ सुबह 11 बजकर 43 बजे से 12 बजकर 30 मिनट तक अभिजित मुहूर्त में रहेगा। इसके अतिरिक्त अमृत काल और ब्रह्म मुहूर्त में भी पूजन करना शुभ होगा।