फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट सौरभ गुप्ता की अदालत ने छह साल पहले नकली सीडी बेचने के दो आरोपियों को बरी कर दिया।
अधिवक्ता विरेंद्र सहगल ने बताया कि वर्ष 2008 में सुपर कैसेट इंडस्ट्रीज नोएडा की टीम ने यमुनानगर पुलिस के साथ मिलकर नकली सीडी, डीवीडी और एमपी थ्री बेचने वाले के खिलाफ कार्रवाई की थी।
सुपर कैसेट इंडस्ट्रीज नोएडा की टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया से कमलेश और राजू से 682 सीडी, डीवीडी और एमपी थ्री बरामद की। कंपनी ने दावा किया था कि ये लोग कंपनी की नकली सीडी, डीवीडी और एमपी थ्री बेच रहे थे।
विरेंद्र सहगल ने बताया कि बरामद सीडी का मिलान असली सीडी के साथ नहीं कराया गया और न ही किसी तरह के लेबोरेटरी टेस्ट करवाए गए। मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस ने भी सीडी का असली सीडी से मिलान या फिर लेबोरेटरी टेस्ट नहीं करवाया।
शिकायतकर्ता ने कबूल किया कि जांच अधिकारी ने कभी भी उनसे मिलान करने के लिए कंपनी की असली सीडी, डीवीडी और एमपी थ्री नहीं मांगी। दोनाें पक्षों को सुनने के बाद फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट सौरभ गुप्ता ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।