संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। छछरौली में अवैध कॉलोनी तोड़ने आए जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) के जेई को कॉलोनाइजर ने धमका दिया। कॉलोनाइजर सरेआम पुलिस के सामने जेई को न केवल गालियां दे रहे है बल्कि उसकी नौकरी खा लेने तक की धमकी दे रहा है। घटना शुक्रवार की है, जिसका वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वहीं डीटीपी या जेई की तरफ से इस संबंध में थाने में शिकायत नहीं दी गई है।
छछरौली में डीटीपी अशोक गर्ग के आदेशानुसार शुक्रवार को जेई समीर, जेई सुमित, रमेश, अनिल, छत्तरपाल सिंह मौके पर पहुंचे थे। नायब तहसीलदार छछरौली को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। जब टीम कॉलोनी में किए गए अवैध निर्माण को तोड़ने लगी तो कॉलोनाइजर मोबाइल पर एक नेता की बात जेई से कराने लगे। जेई ने बात करने से मना कर दिया।
इसी को लेकर कॉलोनाइजर जेई को धमकाने लगा। पुलिस भी अपनी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं करती। यह पहला मामला नहीं है जब कॉलोनाइजर की ओर से डीटीपी के जेई को धमकाया गया है। कुछ माह पहले बिलासपुर में भी इसी तरह की घटना हुई थी। दो घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन डीटीपी या जेई की तरफ से किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी गई।
अवैध रूप से कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ डीटीपी की कार्रवाई भी कछुआ गति से चलती है। छछरौली में जिस कॉलोनी को एक दिन पहले तोड़ा गया उसे लेकर नवंबर 2022 से डीटीपी की तरफ से कारण बताओ नोटिस दिए जा रहे थे। नोटिस के जवाब देने का समय ज्यादा से ज्यादा सात दिन का होता है। डीटीपी कार्यालय की तरफ से कार्रवाई के नाम पर मामले को लटका कर रखा गया। अब लोगों ने कॉलोनी में निर्माण शुरू कर दिए तो उसमें जेसीबी चलानी पड़ी।
थोड़ा बहुत विरोध होता रहता है : डीटीपी
धमकी देने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ शिकायत देने बारे जब डीटीपी अशोक गर्ग से बात की तो उन्होंने कहा कि जब किसी अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करते हैं तो लोग थोड़ा बहुत विरोध तो करते ही हैं। इस बारे में कोई शिकायत पुलिस को नहीं दी गई है।