ज्वाइनिंग न मिलने पर भड़के नवचयनित जेबीटी अध्यापकाें ने सोमवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अध्यापकों ने पात्र अध्यापक संघ के बैनर तले पहले नेशनल हाईवे 73 व लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। अध्यापकों ने यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और तहसीलदार जय भगवान वत्स के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। सीएम से जल्द नियुक्ति पत्र देने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे 21 जून को पंचकूला में शिक्षा सदन पर महापड़ाव डालेंगे।
जिले भर के सैकड़ों नवचयनित जेबीटी अध्यापक पात्र अध्यापक संघ के बैनर तले सोमवार सुबह जगाधरी अनाज मंडी गेट के सामने इकट्ठे हुए। यहां जिला प्रधान नवीन कुमार की अध्यक्षता में धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। करीब साढे़ दस बजे लघु सचिवालय में पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यहां तहसीलदार जयभगवान वत्स को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
इसके बाद चंडीगढ़-रुड़की नेशनल हाईवे 73 से रोष मार्च निकालते हुए कन्हैया साहिब चौक से होते हुए यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के कार्यालय पर पहुंचे। प्रदर्शन के बाद विधायक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। प्रदर्शन में सर्वप्रीत संधू, सुरेंद्र, सीमा गर्ग, कमल कुमार, नीरज, रणबीर सिंह, राजीव आदि शामिल रहे।
सीएम ने किया था वादा
संघ के जिला प्रधान नवीन कुमार ने बताया कि 29 मार्च को मुख्यमंत्री ने संघ के प्रतिनिधिमंडल से वादा किया था कि 77 कार्य दिवस और एक जुलाई तक नवचयनित जेबीटी अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दे दिए जाएंगे। 60 कार्यदिवस बीत चुके हैं, लेकिन हरियाणा सरकार व शिक्षा विभाग ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया।
महा पड़ाव की चेतावनी
अध्यापकों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस दिशा में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 14 जून को अंबाला मंडल पर राज्यस्तरीय प्रदर्शन करते हुए 21 जून को पंचकूला में शिक्षा सदन पर राज्यस्तरीय रैली निकाली जाएगी और वहीं पर महा पड़ाव डाला जाएगा। पात्र अध्यापक अपने परिवारों के साथ आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।